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जम्मू-कश्मीर में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, दबोचे गए 9 लोग

स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. जानकारी के मुताबिक पकड़े गए लोग कथित तौर पर डोडा, उधमपुर और कठुआ जिलों के ऊपरी इलाकों में पाकिस्तान से घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों की आवाजाही में मदद करते थे.

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India Daily Live

सेना और स्थानीय पुलिस जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रही है. सुरक्षा बलों पर हाल के हमलों के बाद आतंकवाद से निपटने के प्रयासों में एक बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने बताया कि उन्होंने नौ लोगों को गिरफ्तार कर एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. जानकारी के मुताबिक पकड़े गए लोग कथित तौर पर डोडा, उधमपुर और कठुआ जिलों के ऊपरी इलाकों में पाकिस्तान से घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों की आवाजाही में मदद करते थे.

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कठुआ के अंबे नाल के मोहम्मद लतीफ, अख्तर अली, भड्डू बिलावर के भाई सद्दाम, खादिम और कुशल; राजबाग पुलिस क्षेत्राधिकार के तहत जुथाना की नूरानी, ​​सोफ़ैन के मकबूल, लियाकत और कासिम दीन के रूप में हुई है. सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने डोडा जिले के गंडोह इलाके में तीन विदेशी आतंकवादियों के मारे जाने के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया .

पुलिस ने लतीफ को इस मॉड्यूल का सरगना बताते हुए कहा कि वह एक गाइड के रूप में काम करता था और इलाके से गुजरने वाले आतंकवादियों के लिए रसद की व्यवस्था करता था. पुलिस प्रवक्ता ने कहा, लतीफ सीमा पार आतंकवादी आकाओं के साथ सक्रिय रूप से संपर्क में था और सांबा-कठुआ सेक्टर के माध्यम से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले विदेशी आतंकवादियों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था.

आतंकवादियों को रहने-खाने में करते थे मदद

पुलिस के अनुसार, इस मॉड्यूल ने गंडोह मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों की मदद की थी. पुलिस ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में खानाबदोशों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अस्थायी 'ढोक' (आश्रय) में रहने वाले 50 से ज़्यादा लोगों की जांच की गई है, जो विदेशी आतंकवादियों के संपर्क में आए थे, या तो उन्हें खाना, आश्रय या संचार में मदद प्रदान की गई थी. पुलिस ने कहा, केवल कुछ लोगों ने पुलिस को (आतंकवादियों के साथ संपर्क) रिपोर्ट नहीं की और कुछ ने आतंकवादियों से पैसे स्वीकार किए थे.

बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू

पुलिस ने बताया कि हालांकि, अन्य लोगों की जिम्मेदारी की जांच की जा रही है. पिछले महीने जम्मू क्षेत्र के डोडा और कठुआ जिलों में हुए आतंकवादी हमलों में एक सेना कैप्टन सहित नौ जवान शहीद हो गए थे. कठुआ के सैदा गांव और डोडा के गंडोह क्षेत्र में 11-12 जून की रात और 26 जून की दोपहर को हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों और पुलिस ने पांच आतंकवादियों को मार गिराया था. पुलिस के अनुसार, ये आतंकवादी डोडा, उधमपुर और कठुआ जिलों के ऊपरी इलाकों में घूम रहे हैं. पुलिस और सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को पकड़ने के लिए हर तरफ से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है.आधा दर्जन से अधिक आतंकवादियों के स्केच जारी किए हैं तथा उनकी गिरफ्तारी या हत्या में सहायक सूचना देने वाले को पांच-पांच लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है.