Tata Sons में बड़ा बदलाव, एन चंद्रशेखरन ने छोड़ा चेयरमैन पद; पांच फीसदी आई गिरावट

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अगले कार्यकाल के लिए पद पर बने रहने से इनकार किया है. उन्होंने उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की अपील की है ताकि नेतृत्व बदलाव सुचारू रहे.

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Meenu Singh

टाटा समूह में नेतृत्व परिवर्तन की तस्वीर अब साफ होने लगी है. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अगले कार्यकाल के लिए खुद को उपलब्ध नहीं रखने का फैसला किया है. उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा. चंद्रशेखरन ने बोर्ड से नए प्रमुख का चयन जल्द करने को कहा है. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब टाटा संस की वार्षिक आम बैठक 18 अगस्त को होने वाली है और उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं पहले से चल रही थीं.

2017 में संभाली थी टाटा संस की कमान

एन चंद्रशेखरन वर्ष 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे. इससे पहले वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की भूमिका निभा चुके थे. टाटा समूह में उनका पेशेवर सफर करीब 40 साल का रहा है. उन्होंने इस संस्था से जुड़े अपने लंबे अनुभव को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए नेतृत्व की जिम्मेदारी को सम्मान और चुनौती दोनों के रूप में याद किया.


उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया होगी तेज

चंद्रशेखरन ने बोर्ड को बताया कि उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा शुरू हुए करीब छह महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है. उन्होंने कहा कि टाटा संस के सामने कई रणनीतिक परियोजनाएं अहम चरण में हैं. इसलिए नए नेतृत्व को लेकर समय रहते फैसला जरूरी है, ताकि कर्मचारियों, निवेशकों और कारोबारी साझेदारों के बीच किसी तरह की अनिश्चितता न रहे.

टाटा ट्रस्ट्स से मतभेद की भी चर्चा

चंद्रशेखरन के फैसले के पीछे टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच कथित मतभेदों की चर्चा भी सामने आई है. टाटा ट्रस्ट्स की टाटा संस में बहुसंख्यक हिस्सेदारी है. टाटा संस समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और 30 से अधिक कंपनियों पर उसका नियंत्रण है. ऐसे में नए चेयरमैन का चयन टाटा समूह की भविष्य की दिशा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

TCS के शेयरों में पांच फीसदी गिरावट

चंद्रशेखरन के फैसले के बीच टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर में भी तेज गिरावट देखने को मिली. बीएसई पर कंपनी का शेयर पिछले बंद भाव 2,440.20 रुपये से 122.10 रुपये गिरकर 2,318.10 रुपये पर आ गया. यानी इसमें पांच फीसदी की कमी दर्ज हुई. कंपनी का बाजार पूंजीकरण 8,40,119.92 करोड़ रुपये बताया गया.

कई बड़ी कंपनियों की जिम्मेदारी भी संभाली

चंद्रशेखरन टाटा संस के साथ टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टीसीएस और इंडियन होटल्स जैसी प्रमुख कंपनियों के चेयरमैन भी हैं. उनके हटने से समूह में नेतृत्व की अगली व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित होगा. उन्होंने बोर्ड से सुचारू पदभार हस्तांतरण के लिए उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा है. अब निगाहें इस बात पर हैं कि टाटा समूह की कमान आगे किसे सौंपी जाती है.