'पाकिस्तान सरकार के PRO की तरह व्यवहार.. ISI के हाथों में खेलना..', अब्दुल्ला के बयान पर चुघ का जवाबी पलटवार
शनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला की ओर से कश्मीर में गाजा जैसे हालात बनने के बयान को लेकर BJP हमलावर हो गई है. बीजेपी महासचिव तरूण चुघ ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला पाकिस्तान के इशारों पर नाच रहे हैं.
नई दिल्ली: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला की ओर से कश्मीर में गाजा जैसे हालात बनने के बयान को लेकर BJP हमलावर हो गई है. बीजेपी महासचिव तरूण चुघ ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला पाकिस्तान के इशारों पर नाच रहे हैं.
'अब्दुल्ला पाकिस्तान आईएसआई के हाथों में खेल रहे...'
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और जम्मू कश्मीर, लद्दाख के पार्टी प्रभारी तरुण चुघ ने बड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा "अब्दुल्ला पाकिस्तान आईएसआई के हाथों में खेल रहे है और पाकिस्तान सरकार के पीआरओ की तरह व्यवहार कर रहे है. पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों के हाथों सेना के जवानों की हत्या पर शोक मनाने और आईएसआई के नापाक मंसूबों की निंदा करने के बजाय अब्दुल्ला पाकिस्तान की धुन पर नाच रहे है. अब समय आ गया है कि अब्दुल्ला और मुफ़्ती पाकिस्तान आईएसआई के इशारे पर काम करना बंद करें और जम्मू-कश्मीर को पर्यटन और कंप्यूटर के साथ आगे बढ़ने दें. पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर में विकास और प्रगति के एक नए युग की शुरुआत की है और अब्दुल्ला और मुफ्ती के लिए इसे बाधित करने की कोई गुंजाइश नहीं है.
'हालात फिलिस्तीन और गाजा जैसा....'
दरअसल बीते कल फारूक अब्दुल्ला ने भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर बड़ा बयान दिया है. फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि अगर समय रहते भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को लेकर दोनों देशों में बातचीत नहीं हुई, तो इसका परिणाम फिलिस्तीन और गाजा की तरह ही होगा. भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के नेताओं से बातचीत के माध्यम से अपने द्विपक्षीय मुद्दों का समाधान खोजना चाहिए. आपको बताते चलें कि गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच भीषण जंग जारी है. जिसमें अभी तक करीब 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. फारूक अब्दुल्ला की यह ताजा टिप्पणी पुंछ सेक्टर में सेना के काफिले पर आतंकी हमले में चार सैनिकों के मारे जाने के बाद आई है.
'बातचीत के माध्यम से होना चाहिए हल....'
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि हम अपने दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन अपने पड़ोसी नहीं. अगर हम अपने पड़ोसियों के साथ मित्रतापूर्ण रहेंगे, तो दोनों देश प्रगति करेंगे. पीएम मोदी ने भी कहा था कि युद्ध अब कोई विकल्प नहीं है और बातचीत के माध्यम से मामले को हल किया जाना चाहिए.
'क्या कारण हम बात करने के लिए तैयार नहीं हैं?'
फारूक अब्दुल्ला ने दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों भारत और पाकिस्तान से पूछा कि कहां है बातचीत? नवाज़ शरीफ पाकिस्तान के प्रधान मंत्री बनने वाले हैं, और वे कह रहे हैं कि हम भारत के साथ बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन क्या कारण है कि हम बात करने के लिए तैयार नहीं हैं?