पीएम मोदी की राह पर चले थलपति विजय, तमिलनाडु का सीएम बनते ही पहले भाषण में चल दिया मास्टर स्ट्रोक
विजय ने कहा, 'मेरे प्रिय लोगों, मेरे परिजनों, मैं कोई दूत या पैगम्बर नहीं हूं. मैं केवल एक आम इंसान हूं और साधारण जीवन जी रहा हूं. मैं झूठे वादों से कभी आपको धोखा नहीं दूंगा. मैं केवल वो वादे करूंगा जो संभव हैं.'
लंबी खींचातान के बाद रविवार को आखिरकार तमिलनाडु को अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया. चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में टीवीके पार्टी के मुख्या और अभिनेता जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने कुछ ऐसा कह दिया जिसने 12 साल पुराने उस लम्हे की याद दिला दी जब प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की सत्ता संभाली थी.
सीएम बनते ही अपने पहले भाषण में विजय ने कहा, 'आज में सिर्फ अपनी पार्टी के समर्थकों का नेता नहीं हूं. भले ही किसी ने मुझे वोट किया हो या न किया हो, तमिलनाडु की 8 करोड़ जनता मेरा परिवार है.' विजय ने ठीक वही शब्द कहे जब तो 2014 में पीएम मोदी ने कहा थे. पीएम ने कहा था कि आज से भारत की 140 करोड़ की जनता मेरा परिवार है.
राजनीति के जानकारों का मानना है कि विजय ने परिवार वाला कार्ड खेलकर खुद को दलगत राजनीति से ऊपर उठाकर एक जननायक के रुप में स्थापित करने के लिए पहला कदम उठाया है.
यह एक नए युग की शुरुआत है
राज्य के 13वें सीएम विजय ने अपने पहले भाषण में कहा, 'आइए, हम सब मिलकर तमिलनाडु को एक नई सरकार दें. यह धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय के नए युग की शुरुआत है' विजय के ऐसा कहते ही पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा. अभिनेता से राजनेता बने विजय ने कहा कि वह ईमानदार रहेंगे और कभी भी जनता से झूठे वादे नहीं करेंगे.
विजय ने कहा, 'मेरे प्रिय लोगों, मेरे परिजनों, मैं कोई दूत या पैगम्बर नहीं हूं. मैं केवल एक आम इंसान हूं और साधारण जीवन जी रहा हूं. मैं झूठे वादों से कभी आपको धोखा नहीं दूंगा. मैं केवल वो वादे करूंगा जो संभव हैं.'
मामा हमेशा आपके साथ रहेगा
विजय ने अपने जेन z समर्थकों और बच्चों का खास तौर पर जिक्र किया जो आम तौर पर उन्हें मामा बुलाते हैं. विजय ने कहा, 'मैं अपने उन नन्हे दोस्तों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जो मुझे विजय मामा बुलाते हैं. जो कुछ भी हुआ है उन्हीं की वजह से हुआ है. मैं आपके भविष्य के लिए काम करके आपका कर्ज अदा करूंगा. भरोसा रखना विजय मामा हमेशा आपके लिखे खड़ा रहेगा.'