DMK का बड़ा ऐलान, राज्य की इतनी सीटों पर उतारेगी अपने उम्मीदवार; CM स्टालिन की सीट भी फाइनल
राज्य की सत्ता पर विराजमान DMK 234 में से 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि 70 सीटें सहयोगियी पार्टियों के लिए छोड़ी है.
नई दिल्ली: तमिललाडु में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया गया है. चुनाव आयोग ने राज्य में एक ही चरण में मतदान कराने का फैसला किया है, जिसके लिए 23 अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है.
इस बीच DMK ने बड़ा ऐलान किया है. रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की सत्ता पर विराजमान DMK 234 में से 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि 70 सीटें सहयोगियी पार्टियों के लिए छोड़ी है. CM एमके स्टालिन कोलाथुर विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाएगे.
CM एमके स्टालिन का बयान
CM एमके स्टालिन ने कहा समझौते में देरी नहीं, बल्कि सहयोगी दलों के साथ संतुलित बातचीत के चलते समय लगा. इस घोषणा के साथ ही राज्य की कई अहम सीटों पर मुकाबला रोचक होने की संभावना बढ़ गई है.
कांग्रेस को मिली 28 सीटें
डीएमके ने कुल 234 में से 164 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि 70 सीटें सहयोगी दलों को दी गई हैं. कांग्रेस को सबसे ज्यादा 28 सीटें मिली हैं. इसके अलावा अन्य सहयोगी दलों को भी उनकी ताकत के अनुसार हिस्सेदारी दी गई है, जिससे गठबंधन मजबूत दिख रहा है.
उदयनिधि स्टालिन की सीट भी फाइनल
उम्मीदवारों की सूची में चेन्नई की सीटें खास चर्चा में हैं. एम. के. स्टालिन एक बार फिर कोलाथुर से चुनाव लड़ेंगे. वहीं उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट से दोबारा मैदान में उतारा गया है. इससे डीएमके का इन क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाए रखने का संकेत मिलता है.
राजनीतिक गतिविधियां तेज
कोयंबटूर साउथ सीट पर सेंथिल बालाजी के उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है. मदुरै सेंट्रल, तिरुचिरापल्ली वेस्ट और मन्नारगुडी जैसी सीटों पर भी मौजूदा मंत्री फिर से चुनाव लड़ेंगे. इन क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं.
ऊटी में कांग्रेस और बीजेपी की टक्कर
गठबंधन में शामिल कांग्रेस को वेलाचेरी और इरोड ईस्ट जैसी अहम सीटें मिली हैं. ऊटी में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर की संभावना है. इसके अलावा श्रीपेरंबदूर, कडलूर और कन्याकुमारी क्षेत्र की सीटें भी चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं.
ओपिनियन पोल क्या कहता है?
मैट्राइज-आईएएनएस के ताजा ओपिनियन पोल के अनुसार, राज्य में इस बार सत्ता परिवर्तन के साफ संकेत मिल रहे हैं. जहां वर्तमान सत्ताधारी डीएमके गठबंधन पिछड़ता दिख रहा है, वहीं एनडीए बहुमत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. इसी बीच, अभिनेता विजय की नई पार्टी टीवीके की एंट्री और भाजपा के साथ उनके संभावित गठबंधन ने मुकाबले को और भी रोचक बना दिया है.