'क्योंकि पाप भयंकर था...' शिवसेना नेता ने मनमोहन सिंह के निधन पर किया ऐसा ट्वीट कि सोशल मीडिया पर लग गई 'आग'

पूर्व सांसद संजय निरुपम ने कहा, "2010 से 2014 के बीच हमने कई बार टीवी बहसों में पार्टी और सरकार का बचाव किया, लेकिन हम सफल नहीं हो सके, क्योंकि 'पाप भयंकर था.' अगर कांग्रेस आज भी इतिहास को नकारती रही, तो उसका पतन और गहरा होना तय है."

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Kamal Kumar Mishra

Manmohan Singh Death: पूर्व सांसद और शिवसेना नेता संजय निरुपम महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले कांग्रेस पार्टी से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए थे. दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए एक पोस्ट में उनके नेतृत्व वाली सरकारों की आलोचना करने के बाद विवादों में घिर गए हैं.

गुरुवार को एक्स से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि डॉ. मनमोहन सिंह बेदाग थे, लेकिन विडंबना यह है कि जिस सरकार का उन्होंने दस साल तक नेतृत्व किया, उसमें कई दाग थे. वे दाग आज तक धुल नहीं पाए हैं. डॉक्टर साहब को विनम्र श्रद्धांजलि."

संजय निरुपम द्वारा यूपीए सरकार की आलोचना करना नेटिजन्स को पसंद नहीं आया. उनके इस पोस्ट से कई सोशल मीडिया यूजर्स नाराज हो गए और उन्हें याद दिलाया कि वे उस समय सत्ताधारी पार्टी का हिस्सा थे और विपक्षी दलों द्वारा यूपीए सरकार पर लगाए गए आरोप आज तक साबित नहीं हुए हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर अपने पोस्ट को लेकर भारी आलोचना का सामना करने के बाद निरुपम ने अपना बचाव करते हुए एक और ट्वीट किया और स्पष्ट किया कि उनका मानना ​​है कि मनमोहन सिंह एक सज्जन, ईमानदार और बेदाग व्यक्ति थे. 

यूपीए-2 पर सवाल

उन्होंने कहा, "इस ट्वीट को लेकर मेरे खिलाफ इतना व्यापक अभियान चलाने की कोई जरूरत नहीं थी. मैं हमेशा से मानता आया हूं, आज भी मानता हूं और भविष्य में भी मानता रहूंगा कि डॉ. मनमोहन सिंह एक सज्जन, ईमानदार और बेदाग व्यक्ति थे. हालांकि, इसे दुर्भाग्यपूर्ण या विरोधाभासी ही कहा जाना चाहिए कि यूपीए-2 एक पूरी तरह से दागदार सरकार थी. सरकार के बाहर मौजूद कांग्रेसी ताकतें जिन्होंने खुलेआम इसे कलंकित किया, वे ही इसके लिए जिम्मेदार हैं और इसके परिणाम आज भी कांग्रेस भुगत रही है.0"

टीवी बहस में बचाव की बात

उन्होंने कहा, "2010 से 2014 के बीच हमने कई बार टीवी बहसों में पार्टी और सरकार का बचाव किया, लेकिन हम सफल नहीं हो सके, क्योंकि 'पाप भयंकर था'. अगर कांग्रेस आज भी इतिहास को नकारती रही, तो उसका पतन और गहरा होना तय है."