5 दिन तक जंगल में चला ऑपरेशन, आखिर कैसे सेना ने आतंकी जाकिर गनी को किया ढेर?
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी जाकिर अहमद गनी को मार गिराया. पांच दिन तक चले ऑपरेशन में हथियार भी बरामद हुए और अभियान अभी जारी है.
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण सफलता मिली है. खुफिया जानकारी के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी जाकिर अहमद गनी को मार गिराया गया. यह अभियान पिछले पांच दिनों से लगातार जारी था. मुठभेड़ के बाद मौके से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है.
सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर शोपियां के चनापोरा इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया. सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की टीमों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान चलाया. इससे पहले सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियां सामने आई थीं, जिसके बाद अभियान को और तेज कर दिया गया.
मुठभेड़ में मारा गया जाकिर गनी
बुधवार को तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी जाकिर अहमद गनी मारा गया. सेना की चिनार कोर ने बताया कि घटनास्थल से हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है. दूसरे संदिग्ध आतंकी की पहचान लतीफ के रूप में बताई गई है.
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पांच दिनों तक चला घेराबंदी अभियान
जानकारी के अनुसार, 3 जुलाई को मीमांदर इलाके के घने जंगल में लगे सीसीटीवी कैमरों में दो आतंकियों की मौजूदगी दिखाई दी थी. इसके बाद सेना की 55 आरआर, 44 आरआर और सीआरपीएफ की टीमों ने पूरे जंगल की घेराबंदी कर दी. विक्टर फोर्स ने इलाके के सभी संभावित निकास मार्गों पर अतिरिक्त जवान तैनात कर अभियान को मजबूत किया.
यूएपीए के तहत दर्ज था मामला
पुलिस के अनुसार, जाकिर अहमद गनी कुलगाम के मोटलहामा क्षेत्र का रहने वाला था. उसके खिलाफ कुलगाम थाने में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए के तहत मामला दर्ज था. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं.
घर से निकला, फिर आतंकी संगठन में शामिल हुआ
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 27 सितंबर 2023 को जाकिर अहमद गनी काम की तलाश में घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. 3 अक्टूबर 2023 को उसके परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. बाद में जांच में सामने आया कि वह 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' यानी टीआरएफ में शामिल हो गया था, जिसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा संगठन माना जाता है.