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शिवसेना UBT के सांसद संजय राउत को 15 दिन की जेल की सजा, मानहानि केस में दोषी करार

Sanjay Raut 15 Day Imprisonment: शिवसेना यूबीटी यानी उद्धव बाला साहेब ठाकरे गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत को 15 दिनों के जेल की सजा सुनाई गई है. साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. मामला मानहानि केस से जुड़ा है, जिसे भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी डॉक्टर मेधा किरीट सोमैया की ओर से दायर किया गया था.

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Sanjay Raut 15 Day Imprisonment: महाराष्ट्र के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मझगांव ने भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी डॉ. मेधा किरीट सोमैया की ओर से दायर की गई शिकायत पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत को मानहानि मामले में दोषी ठहराया. संजय राउत को 15 दिन की कैद और 25,000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया. मेधा किरीट सोमैया के वकील विवेकानंद गुप्ता की ओर से ये जानकारी दी गई.

शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत को दोषी ठहराए जाने पर भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा कि संजय राउत को 15 दिन की कैद की सजा सुनाई गई है, उन्हें हिरासत में लिया गया है. उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्हें यह राशि शिकायतकर्ता प्रो. डॉ. मेधा सोमैया को देनी होगी. 

भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी प्रोफेसर मेधा किरीट सोमैया की ओर से दायर मानहानि के मामले में गुरुवार को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने सांसद संजय राउत को दोषी करार देते हुए 15 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई. मेधा के वकील विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि जुर्माने की 25,000 रुपये की राशि आरोपी से मुआवजे के तौर पर वसूली जानी है. अपनी शिकायत में मेधा ने कहा कि राउत मराठी अखबार 'सामना' के कार्यकारी संपादक हैं और राजनीतिक पार्टी शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता भी थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि 15 अप्रैल, 2022 और उसके बाद उन्होंने उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण और अनुचित बयान दिए और इसे इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से आम जनता में बड़े पैमाने पर छापा, प्रकाशित और प्रसारित किया गया. मेधा ने आगे आरोप लगाया कि राउत की ओर से दिए गए ये बयान प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए जो अपमानजनक और मानहानिकारक थे. उन्होंने कहा कि यह आम जनता और उनके सभी पारिवारिक सदस्यों और दोस्तों की नज़र में उनकी छवि खराब करने के लिए किया गया था.

मेधा के वकील ने पेश किए वीडियो क्लिप और अखबारों की कटिंग

कोर्ट में मेधा के वकील ने राउत द्वारा दिए गए बयान और एक वीडियो क्लिप पेश की। साथ ही अखबारों की कटिंग की प्रतियां भी पेश की गईं. अपनी याचिका में मेधा ने ये भी कहा कि वह माटुंगा के रामनारायण रुइया कॉलेज में 20 साल से अधिक समय तक ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की प्रोफेसर थीं. उन्होंने आगे कहा कि वह 25 से अधिक धर्मार्थ गतिविधियों में योगदान दे रही हैं और उन्हें स्लम डेवलपमेंट में डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया है. उनकी याचिका में कहा गया है कि समाज में उनकी अच्छी प्रतिष्ठा है और वे समाज में शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में जानी जाती हैं.

जून 2022 में राउत को समन जारी करने वाले एक विस्तृत आदेश में, अदालत ने माना था कि यह शिकायतकर्ता द्वारा प्रथम दृष्टया साबित होता है कि आरोपी राउत की ओर से बोले गए शब्द ऐसे थे, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है. मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पीआई मोकाशी ने कहा था कि रिकॉर्ड पर पेश किए गए दस्तावेजों और वीडियो क्लिप से प्रथम दृष्टया पता चला है कि आरोपी ने 15 और 16 अप्रैल, 2022 को शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानिकारक बयान दिए ताकि इसे बड़े पैमाने पर लोग देखें और अखबारों में पढ़ें.