हीरे का मुकुट, सोना-चांदी और कैश, नए साल पर शिरडी में दान का बना रिकॉर्ड; 8 दिन में आया इतने करोड़ का चढ़ावा

साईबाबा संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर ने बताया कि देश और विदेश से बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए. उन्होंने कहा कि दान की राशि विभिन्न माध्यमों से आई.

Anuj

नई दिल्ली: नए साल के अवसर पर शिरडी के साईंबाबा मंदिर में भक्तों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर दिल खोलकर दान किया. नव वर्ष की छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में भक्त साईंबाबा के दर्शन करने पहुंचे. साईंबाबा के चरणों में 8 दिनों में रिकॉर्ड दान अर्पित किया गया. इस दौरान साईबाबा संस्थान को कुल 23 करोड़ 29 लाख 23 हजार 373 रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ. इस दौरान करीब 8 लाख भक्तों ने साईंबाबा के दर्शन किए.

कहा कितना चढ़ावा आया

डोनेशन काउंटर- 3 करोड़ से ज्यादा

वीआईपी पास- 2 करोड़ से ज्यादा

दक्षिणा पेटी- 6 करोड़ से ज्यादा

डेबिट/क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन दान, चेक, डीडी और मनी ऑर्डर- 10 करोड़ से ज्यादा

सोना- 293.910 ग्राम 

चांदी- 5983.970 ग्राम 

विदेशी मुद्रा (26 देशों से)- 16 लाख से ज्यादा

स्वर्ण जड़ित हीरे का मुकुट- 80 लाख रुपये

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने क्या बताया?

साईबाबा संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर ने बताया कि देश और विदेश से बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए. उन्होंने कहा कि दान की राशि विभिन्न माध्यमों से आई.

साईंबाबा ट्रस्ट के पास कुल संपत्ति-

सोना-540 किलो

चांदी-7 हजार किलो

हीरे-10 करोड़ रुपये कीमत के

बैंकों में निवेश-3,400 करोड़ रुपये

6 लाख भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया

गोरक्ष गाडीलकर ने बताया कि इस दान का उपयोग साईंबाबा अस्पताल और साईनाथ अस्पताल, श्री साईं प्रसादालय में मुफ्त भोजन, संस्थान के शिक्षण संस्थान, बाहरी मरीजों की देखभाल, भक्तों की सुविधा और सामाजिक कार्यों के लिए किया जाएगा. भक्तों ने मंदिर में फ्री प्रसाद भोजन का भी भरपूर लाभ उठाया. इस अवधि में लगभग 6 लाख भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया. इसके अलावा 1 लाख 9 हजार भक्तों ने फूड पैकेट का लाभ उठाया.

7 लाख से ज्यादा लड्डू प्रसाद पैकेट बिके

लड्डू प्रसाद की भी भारी मांग रही. इस दौरान 7 लाख 67 हजार 444 लड्डू प्रसाद पैकेट बिके, जिससे 2 करोड़ 30 लाख 23 हजार 320 रुपये प्राप्त हुए. इसके अलावा 5 लाख 76 हजार 400 भक्तों ने मुफ्त बूंदी प्रसाद का आनंद लिया. इस प्रकार शिरडी साईंबाबा मंदिर में नए साल के अवसर पर भक्तों की आस्था और उदारता का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला. मंदिर में आए भक्तों का समर्पण और दान न केवल धार्मिक भावना को दर्शाता है, बल्कि समाज सेवा और जनकल्याण में भी सहायक साबित होता है.