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पटरी से उतर गई महा विकास अघाड़ी की गाड़ी? उद्धव ठाकरे को CM कैंडिडेट बनाने से मुकर गए शरद पवार

महाराष्ट्र में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. इसी बीच एमवीए में सीएम चेहरे को लेकर अंतर्कलह देखने को मिल रही है. शरद पवार ने संजय राउत की बात मानने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि हमारा गठबंधन हमारा सामूहिक चेहरा है और किसी एक को सीएम के रूप में नामित नहीं किया जा सकता है.

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India Daily Live

Maharashtra News: महाराष्ट्र में इस साल के अंत विधानसभा का चुनाव होना है. इसी बीच महा विकास अघाड़ी में सीएम चेहरे को लेकर कलह देखने को मिल रही है. महा विकास अघाड़ी के घटक दल शिवसेना (यूबीटी) ने जब मांग की कि उद्धव ठाकरे को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीएम चेहरा घोषित किया जाना चाहिए तो इस पर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार साफ तौर पर नकार गए.

'किसी एक को सीएम चेहरे के रूप में नामित नहीं किया जा सकता'

शिव सेना सांसद संजय राउत के आग्रह कि ठाकरे को एमवीए की ओर से सीएम चेहरा बनाया जाना चाहिए, पर पूछे जाने पर कोल्हापुर में पवार ने संवाददाताओं से कहा, 'हमारा गठबंधन हमारा सामूहिक चेहरा है. किसी एक को सीएम चेहरे के रूप में नामित नहीं किया जा सकता है. सामूहिक नेतृत्व ही हमारा फॉर्मूला है.' एनसीपी (एसपी) प्रमुख ने कहा कि हमारे सभी तीनों सहयोगी दल आपस में बातचीत कर इस पर फैसला लेंगे.

मोदी विरोधी पार्टियों को एमवीए में शामिल किया जाना चाहिए?

लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी का विरोध करने वाली सभी पार्टियों को एमवीए में शामिल करने के सवाल पर शरद पवार ने कहा, 'सभी लेफ्ट पार्टियों, पीडब्ल्यूपी, आम आदमी पार्टी ने हमारा सहयोग किया. मोदी का विरोध करने वाली सभी पार्टियां एमवीए का हिस्सा होना चाहिए. रहा सवाल सीएम चेहरे का तो सभी सहयोगी दलों को भरोसे में लेने के बाद ही इस पर फैसला होगा.'

'बिना चेहरे के हमें चुनाव जीतने में मुश्किल होगी'
बता दें कि शनिवार को संजय राउत ने फिर से अपनी बात दोहराते हुए कहा था कि एमवीए को सीएम चेहरा घोषित करना चाहिए. उन्होंने कहा, 'बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ना एमवीए के लिए घातक साबित हो सकता है. महाराष्ट्र ने देखा है कि उद्धव ठाकरे ने किस तरह से राज्य को संभाला है, विशेषकर कोरोना के समय में. लोगों ने उद्धव ठाकरे की लोकप्रियता को देखते हुए एमवीए को वोट किया है...बिना चेहरे के हमें चुनाव जीतने में मुश्किल होगी.'

'सीएम चेहरे को लेकर हममें मतभेद नहीं होना चाहिए'

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाने के लिए लोकसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक द्वारा पीएम चेहरे को नामित न करने का हवाला दिया. राउत ने कहा कि अगर इंडिया ब्लॉक राहुल गांधी को पीएम चेहरा नामित कर देता तो हम 25 से 30 सीटें और जीत सकते थे. लोगों को पता होना चाहिए कि वो किसको वोट कर रहे हैं. लोगों ने इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी को वोट किया है. वे चेहरे को जानना चाहते हैं. सीएम चेहरे को लेकर हममें मतभेद नहीं होना चाहिए. हम एकजुट होकर चुनाव लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. विधानसभा चुनाव में हम राज्य 175 से 180 सीटें जीतेंगे.