AIADMK से निष्कासन के बाद शशिकला की राजनीति में वापसी, विधानसभा चुनाव से पहले नई पार्टी का किया ऐलान

एआईएडीएमके से निष्कासित शशिकला ने अपनी नई पार्टी 'ऑल इंडिया पुरैची थलाइवर मक्कल मुनेत्र कड़गम' का ऐलान किया है. नारियल बागान चुनाव चिन्ह वाली यह पार्टी जयललिता और एमजीआर की विरासत को आगे बढ़ाएगी.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. जेल से रिहाई के 9 साल बाद वी.के. शशिकला ने अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पारी शुरू की है. उन्होंने अपनी नई पार्टी 'ऑल इंडिया पुरैची थलाइवर मक्कल मुनेत्र कड़गम' की घोषणा की. शशिकला का यह कदम 2026 के विधानसभा चुनावों के समीकरण बदल सकता है. उन्होंने अपनी पार्टी को एमजीआर और जयललिता की विचारधारा का असली वारिस बताया है. जनता अब उनकी इस नई शुरुआत को काफी उम्मीदों से देख रही है.

शशिकला ने अपनी नई पार्टी के नाम के साथ चुनाव चिन्ह 'नारियल के पेड़ों का बागान' बताया है. उनके अनुसार यह चिन्ह एकता का प्रतीक है और संगठन एक संयुक्त परिवार की तरह काम करेगा. शशिकला ने स्पष्ट किया कि पार्टी पूरी तरह एम.जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता की विचारधारा पर आधारित होगी. इस नई पार्टी के जरिए वह जयललिता के अधूरे सपनों को पूरा करने और जनता की सीधी सेवा करने का संकल्प ले रही हैं.

राजनीति में जोरदार वापसी 

शशिकला की यह वापसी तमिलनाडु की सियासत को रोचक बनाने वाली है. जेल से बाहर आने के 9 साल बाद उन्होंने सक्रिय राजनीतिक पारी शुरू की है. वह अब अपने दम पर मजबूत दल बनाकर चुनावी मैदान में उतरेंगी. शशिकला का यह कदम एआईएडीएमके के वोट बैंक को सीधे प्रभावित कर सकता है. उनका लक्ष्य द्रविड़ आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाना और जयललिता के समर्थकों को एक नया और मजबूत मंच प्रदान करना है.

जयललिता की जयंती पर झंडा पार्टी 

ऐलान से पहले शशिकला ने 24 फरवरी को जयललिता की जयंती पर पार्टी का झंडा जारी किया था. रामनाथपुरम के कामुथी में जारी इस झंडे में काला, सफेद और लाल रंग है. इसके केंद्र में अन्नादुरई, एमजीआर और जयललिता के चित्र हैं. शशिकला ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में तमिलनाडु और पुडुचेरी में मजबूती से उम्मीदवार उतारेगी. यह झंडा उनकी पार्टी की वैचारिक जड़ों को जनता के सामने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है.

एआईएडीएमके नेतृत्व पर विश्वासघात का आरोप 

शशिकला ने एआईएडीएमके के मौजूदा नेतृत्व पर विश्वासघात का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने खुद की तुलना एमजीआर से करते हुए कहा कि जैसे एमजीआर ने पार्टी को मजबूत बनाया था. वैसे ही वह इस नए दल को खड़ा करेंगी. आय से अधिक संपत्ति मामले में निष्कासन के बाद यह उनकी पहली बड़ी स्वतंत्र चाल है. उन्होंने साफ किया कि मौजूदा नेतृत्व अब जनता और कार्यकर्ताओं का भरोसा खो चुका है और वह एक नया विकल्प देंगी.

एमजीआर की विचारधारा का संकल्प 

नई पार्टी की घोषणा के दौरान शशिकला ने संस्थापक एमजीआर को याद किया. उन्होंने कहा कि एमजीआर ने पार्टी की स्थापना डीएमके के खिलाफ एक मजबूत विकल्प देने के लिए की थी. शशिकला के अनुसार उनकी नई पार्टी ही गरीबों और आम लोगों के हितों की असली रक्षक होगी. वह रामचंद्रन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं. उनके इस निर्णय से राज्य का चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है.