बीजेपी सांसद संबित पात्रा का फोन हुआ हैक, WhatsApp पर मांगे 65 हजार रुपये
भाजपा सांसद संबित पात्रा का व्हाट्सएप अकाउंट कथित रूप से हैक हो गया है. साइबर ठग ने उनके नाम का इस्तेमाल कर 65 हजार रुपये मांगे. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
डिजिटल दौर में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा भी ठगी का शिकार हो गए हैं. उनका व्हाट्सएप नंबर कथित तौर पर हैक कर लिया गया है. इसके बाद ठग उनके नाम से लोगों से संपर्क कर आर्थिक मदद और पैसों की मांग करने की कोशिश कर रहे हैं. ठगों ने एक शख्स से 6500 रुपये की मांग की
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व्हाट्सएप अकाउंट के दुरुपयोग की आशंका
संबित पात्रा ने स्वयं इस घटना की जानकारी साझा करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. उनके अनुसार कुछ साइबर अपराधी उनके व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल कर परिचितों और अन्य लोगों को संदेश भेज रहे हैं. इन संदेशों में विभिन्न कारण बताकर पैसों की मांग की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नंबर से भेजे जा रहे ऐसे किसी भी संदेश का उनसे कोई संबंध नहीं है. पात्रा ने लोगों से कहा है कि यदि उनके नाम या नंबर से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता, बैंक ट्रांसफर या अन्य वित्तीय मदद का अनुरोध मिले तो उस पर भरोसा न करें और पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें.
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लोगों को सतर्क रहने की सलाह
साइबर अपराधी अक्सर किसी प्रभावशाली व्यक्ति या परिचित का अकाउंट हैक कर उसके संपर्कों को निशाना बनाते हैं. इसी वजह से ऐसे मामलों में लोग आसानी से झांसे में आ सकते हैं. संबित पात्रा ने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर बिना जांच किए प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि उनके नाम से कोई आर्थिक लेन-देन करने का दबाव बनाया जाए तो तुरंत सावधानी बरतें. विशेषज्ञों का भी मानना है कि साइबर ठग विश्वास का फायदा उठाकर लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, इसलिए डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना बेहद जरूरी है.
पुलिस जांच में जुटी, रिकवरी की प्रक्रिया शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही संबित पात्रा ने ओडिशा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. साथ ही व्हाट्सएप अकाउंट को सुरक्षित तरीके से दोबारा हासिल करने के लिए तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अकाउंट तक अवैध पहुंच किस तरह हासिल की गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. फिलहाल लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध संदेश को नजरअंदाज करें और सतर्क रहें.