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तेलंगाना में अब कांग्रेस 'राज'; रेवंत रेड्डी बने तेलंगाना के CM, भट्टी विक्रमार्क ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संसदीय दल प्रमुख सोनिया गांधी और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत अन्य नेता मौजूद हैं.

Om Pratap

Revanth Reddy telangana New cm swearing in ceremony: रेवंत रेड्डी ने आज तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. उनके साथ 11 अन्य विधायकों ने भी मंत्रिपद की शपथ ली है. कांग्रेस के सीनियर नेता भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने तेलंगाना के डिप्टी CM पद की शपथ ली. हैदराबाद के एलबी नगर स्टेडियम में राज्यपाल टी सुंदरराजन ने रेवंत रेड्डी, भट्टी विक्रमार्क और अन्य विधायकों को मंत्रिपद की शपथ दिलाई.

अन्य विधायक जिन्होंने मंत्रिपद की शपथ ली, उनमें दामोदर राजा नरसिम्हा, उत्तम कुमार रेड्डी, कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, सीताक्का, पोन्नम प्रभाकर, श्रीधर बाबू, तुम्मला नागेश्वर राव, कोंडा सुरेखा, जुपल्ली और कृष्णा पोंगुलेटी शामिल हैं. 

2009 में जीता था पहला विधानसभा चुनाव

2007 में फिर से रेवंत रेड्डी ने महबूब नगर से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में स्थानीय निकाय चुनाव में जीत हासिल की. उनके काम से प्रभावित होकर टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लिया. 2009 में उन्होंने टीडीपी की टिकट पर कोंडगल से चुनाव जीता और पहली बार विधानसभा पहुंचे. अपनी मेहनत और सक्रियता से वह धीरे-धीरे चंद्रबाबू नायडू के बेहद करीबी बन गए, जिसके बाद उन्होंने टीडीपी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. उन्होंने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी काम किया. साल 2014 में वह फिर से कोडंगल से विधायक चुने गए.

रेवंत रेड्डी तेलुगू देशम पार्टी के भी सदस्य रहे हैं.

नोट के बदले वोट कांड में हुए गिरफ्तार

2015 के एमएलसी चुनावों में उन्हें नोट देकर वोट खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. हालांकि रेवंत इस गिरफ्तारी से बिल्कुल भी नहीं डरे और उन्होंने इसे विरोधी केसीआर उनके सहयोगियों की साजिश बताया. गिरफ्तारी के बाद ही रेवंत रेड्डी ने अपनी मूछों में ताव देकर केसीआर को सीएम की कुर्सी से हटाने की कसम खाई थी और आज नतीजा आपके सामने है.

कांग्रेस के साथ आने वाली कहानी क्या है?

जेल जाने के बाद रेवंत ने अपनी खुद की सोशल मीडिया आर्मी बनाई और जनता के बीच अपनी छवि सुधारने में कामयाब रहे. रेवंत के जेल जाने और चंद्रबाबू नायडू द्वारा ज्यादा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण टीडीपी तेलंगाना में कमजोर पड़ने लगी, नतीजा यह हुआ कि पार्टी के सभी विधायक पार्टी छोड़कर चले गए. अब केवल रेवंत ही पार्टी में अकेले बचे थे. इसी दौरान कांग्रेस के नेता जो पहले से ही कमजोर हो रहे थे वे रेवंत के संपर्क में आए. जब चंद्रबाबू नायडू को यह पता चला तो उन्होंने रेवंत रेड्डी को पार्टी से निलंबित कर दिया. 

30 अक्टूबर 2017 को रेवंत रेड्डी कांग्रेस में शामिल हुए थे.

30 अक्टूबर 2017 को उन्होंने राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया. कांग्रेस में आने के बाद रेवंत रेड्डी का करियर लगातार परवान चढ़ता गया. कांग्रेस में आने के बाद उन्होंने सत्तारूड़ बीआरएस के नेताओं पर जमकर हमला बोला और अपनी वाकपटुता से सरकार के विरोधियों को अपने साथ मिलाने में कामयाब रहे.