हॉस्टल की छत से वार्डन ने 13 साल के छात्र को फेंका नीचे, 9 दिन बाद तोड़ा दम, वार्डन समेत तीन शिक्षक गिरफ्तार

राजस्थान के करौली जिले में छत पर नहाने जा रहे छात्र को वार्डन ने उसे पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया. वार्डन के इस अत्याचार के कारण छात्र के चेस्ट और पैरों में गंभीर चोटें आईं और आखिर में उसकी मौत हो गई.

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Babli Rautela

Rajasthan: राजस्थान के करौली जिले में एक बेहद हैरान करने वाला और दुखद घटना सामने आई है. जहा13 साल के एक छात्र दिलराज मीणा की मौत के बाद पूरे इलाके में गम और गुस्से का माहौल है. दरअसल, 13 दिसंबर को दिलराज मीणा को हॉस्टल की छत से वार्डन के नीचे फेंक दिए जाने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस घटना के बाद छात्र की स्थिति बिगड़ती गई और आखिर में 21 दिसंबर को जयपुर ले जाते समय उसकी मौत हो गई.

छात्र को हॉस्टल की छत से फेंकने का आरोप

मामला सलेमपुर गांव के सरस्वती विद्या मंदिर के आवासीय स्कूल का है, जहां 13 दिसंबर को दिलराज मीणा हॉस्टल की छत पर नहाने जा रहा था. इस दौरान वार्डन ने उसे पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया. वार्डन के इस अत्याचार के कारण छात्र के चेस्ट और पैरों में गंभीर चोटें आईं. इसके बावजूद, स्कूल प्रशासन ने घटना को छिपाए रखा और छात्र के परिवार वालों को कोई सूचना नहीं दी. तीन दिन बाद, छात्र ने किसी के मोबाइल से अपने परिवार वालों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया.

घटना के बाद, छात्रा के परिवार वालों ने 17 दिसंबर को घायल छात्र को गंगापुर सिटी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन छात्र की स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे 18 दिसंबर को करौली जिला अस्पताल भेजा गया. यहां से गंभीर स्थिति में उसे जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही छात्र ने दम तोड़ दिया. इसके बाद, शनिवार रात 11 बजे परिजन शव को लेकर करौली जिला अस्पताल पहुंचे और शव को मोर्चरी में रखवाया.

परिवार और गांव में मचा हंगामा

घटना की जानकारी मिलने पर शनिवार रात को बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल में जमा हो गए. रविवार सुबह 9 बजे, मृतक छात्र के परिजनों और ग्रामीणों ने जिला अस्पताल के मोर्चुरी के बाहर प्रदर्शन किया. वे स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे और आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रहे थे. इसके बाद, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया.

सपोटरा DSP कन्हैयालाल ने बताया कि परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी और आवासीय स्कूल को सील करने की मांग की. पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी और मामले को शांत कराया. इसके बाद, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया. इसके साथ ही बता दें की पुलिस ने इस मामले में दो आरोपी शिक्षकों, जिनमें वार्डन भी शामिल है, को गिरफ्तार कर लिया है.