Sikar: धीरेंद्र शास्त्री बोले- राम के राष्ट्र में राम की होगी चर्चा, भारत में रहना होगा तो सीता-राम कहना होगा
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने सीकर में एक बार फिर सनातन राष्ट्र का पुरजोर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि भारत राम का राज्य है, राम के राष्ट्र में राम की चर्चा होगी. भारत में रहना होगा तो सीता राम कहना होगा.
Bageshwar Dham Dhirendra Krishna Shastri Sikar Visit: बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) ने राजस्थान के सीकर में भी दरबार लगाया. सीकर (Sikar) पहुंचने पर बाबा बागेश्वर का यहां भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान बाबा को रोड शो भी हुआ. सीकर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि किसी भी हाल में सनातन धर्म से समझौता नहीं करना है.
भारत राम का राज्य है
सीकर में बाबा बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, 'मेरा एक ही सपना है कि जिसके लिए हम लोगों के बीच जा रहे हैं, जिसके लिए हम दिन और रात एक किए हुए हैं, जिन लोगों ने हमारे सनातन धर्म पर कुठाराघात किया उनकी ठठरी और गठरी दोनों बांधी जाएगी. भारत राम का राज्य है, राम के राष्ट्र में राम की चर्चा होगी. भारत में रहना होगा तो सीता राम कहना होगा.'
'अपने धर्म के साथ समझौता मत करना'
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि लोगों से कहा कि अपने धर्म के साथ समझौता मत करना. जीते जी मर जाना पर सनातन धर्म के साथ समझौता मत करना. हमें हिदुओं के एकता गुरु दक्षिणा में चाहिए. सनातन धर्म नीचे हो जाए हो नहीं सकता, हमारे बालाजी ने हनुमान जी का वंदन करवाया. अब बजरंगबली चलेंगे.
'मैंने सबके मुंह बंद कर दिए'
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि तुम दूसरे मजहब के ताबीजों के चक्कर में मत पड़ो. यहां तो तुम मंदिर, कथा या हनुमान जी को छोड़ दो या फिर हनुमान जी पर ही सब कुछ छोड़ दो. शास्त्री ने कहा कि सनातन पर उंगली उठाने वाले, मंदिरों को दुकान बताने वाले और बड़ी-बड़ी पोल खोलने वाले आए, लेकिन मैंने सबके मुंह बंद कर दिए. मैंने तो विदेशों में भी जाकर हिंदू राष्ट्र की घोषणा कर दी. अंग्रेज भी सीता-राम कह रहे हैं.
'सड़कों पर तूफान, मंदिरों में भीड़ चाहिए'
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने ये भी कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि आप भारत में करना क्या चाहते हो, मैंने कहा- मुझे सड़कों पर तूफान, मंदिरों में भीड़ चाहिए. राम राज्य से भारत-हिंदुस्तान चाहिए. सीकर के लोग कितने भाग्यशाली है कि यहां एक तरफ खाटूश्याम तो दूसरी तरफ सालासर बालाजी हैं और जीणमाता तो इस जिले की ही हैं. उन्होंने कहा, 'ना चांद की चाहत, ना तारों की फरमाइश, हर पल तू मेरे साथ रहे बस यही मेरी ख्वाहिश. मैं तीसरी बार सीकर आया हूं. मैंने सोचा था कि सीकर में ज्यादा लोग नहीं होंगे, लेकिन यहां रोड शो के दौरान खड़े-खड़े कमर टूट गई.'
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