राहुल गांधी की SIR याचिका में 14 कमियां! सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर लगा ब्रेक, जानिए पूरा मामला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने सोमवार को एक याचिका दायर की थी, जिसमें मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी.
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने सोमवार को एक याचिका दायर की थी, जिसमें मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी. इस याचिका में 14 कमियां सामने आई हैं. सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई इस याचिका में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया गया है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में कई तकनीकी और दस्तावेजी खामियां बताई हैं. इन कमियों को दूर किए जाने के बाद ही मामले में सुनवाई आगे बढ़ सकेगी.
क्या हैं याचिका में मिली 14 कमियां?
याचिका में कमियों की बात करें तो इनमें कुछ प्रतिवादियों के नाम अलग हैं. वहीं, कुछ निजी व्यक्तियों को मामले में पक्षकार बनाने का पर्याप्त कारण नहीं बताया गया है. इसके अलावा याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले की कॉपी भी नहीं लगाई गई थी. राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को छोड़कर नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे भी नहीं मिले.
बता दें कि वकालतनामा वह डॉक्यूमेंट होता है, जिसके जरिए कोई व्यक्ति अपने वकील को अदालत में अपना पक्ष रखने की अनुमति देता है. रजिस्ट्री ने मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की धुंधली कॉपी, कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी और दस्तावेजों की छपाई से जुड़ी खामियों की ओर भी ध्यान दिलाया है.
Also Read
- कौन हैं जन्नत बिश्नोई? सुप्रीम कोर्ट मार्च में दिखीं राहुल गांधी के साथ
- 'अगर कानून व्यवस्था आपके हाथ में नहीं तो...', कांग्रेस ने क्यों मांगा CJI का इस्तीफा? बीजेपी ने किया पलटवार
- राहुल गांधी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका: SIR पर रोक से लेकर हटाए गए वोटरों की सूची सार्वजनिक करने तक, INDIA गठबंधन की 10 मांगें
अभी क्यों टाली गई सुनवाई?
याचिका में एक साथ कई कमियां होने के कारण इनका जल्दी ठीक होना मुश्किल माना जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को इस मामले का अदालत में उल्लेख भी नहीं किया जाएगा. याचिका की सुनवाई तभी आगे बढ़ेगी, जब जरूरी सुधार पूरे कर लिए जाएंगे. याचिका में कमियां मिलने का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया है.
विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से क्या मांग की?
राहुल गांधी के अलावा मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, सुदीप रॉय, सुप्रिया सुले और संजय राउत समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं. इसमें चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित अन्य चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाया गया है. विपक्ष ने मांग की है कि मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया जाए. साथ ही, मतदाता सूची में नाम हटाने और बदलाव करने की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए.
याचिका में यह भी कहा गया है कि जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए. इस समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों को शामिल करने की मांग की गई है. विपक्ष चाहता है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस दिया जाए और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले. पंजाब और अन्य चुनावी राज्यों में पात्र लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका देने की मांग भी की गई है.