T20 World Cup 2026

'मेरा ध्यान न भटकाएं...', कोलकाता रेप-मर्डर मामले पर बोले राहुल गांधी, बीजेपी बोली- यह पीड़िता का अपमान

मंगलवार दोपहर को राहुल गांधी रायबरेली में उस दलित युवक अर्जुन पासी के घर पहुंचे जिसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वहां मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कोलकाता रेप-मर्डर मामले पर ऐसा बयान दे दिया कि वो बीजेपी के निशाने पर आ गए.

social media
India Daily Live

UP News: भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान को लेकर उन पर जोरदार निशाना साधा. बता दें कि राहुल गांधी इस वक्त अपने विधानसभा क्षेत्र रायबरेली में उस दलित परिवार से मिलने गए हैं जिनके बच्चे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. रायबरेली में जब मीडिया ने राहुल गांधी से कोलकाता रेप मर्डर मामले पर सवाल पूछा तो राहुल गांधी ने कहा कि मेरा ध्यान भटकाने की कोशिश न करें. 

आप मेरा ध्यान भटकाना चाहते हैं

राहुल गांधी ने कहा, 'मैं यहां इस मुद्दे को लेकर आया हूं. मुझे पता है कि आप इस मुद्दे को उठाना नहीं चाहते. आप मेरा ध्यान भटकाना चाहते हैं. आप मुझे दलितों की आवाज बनने के लिए स्पेस नहीं देना चाहते. मैं यहां दलितों की रक्षा करने के लिए और उनके मुद्दे उठाने के लिए आया हूं.' उन्होंने आगे कहा, 'मैं आपको ध्यान भटकाने की अनुमति नहीं दूंगा. मैं कोलकाता मामले पर आने वाले दिनों में बोलूंगा.'

बीजेपी बोली- यह चौंकाने वाला, कल्पना से परे 

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने जोरदार हमला बोला है. बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी का बयान चौंकाने वाला है. पूनावाला ने कहा, 'यह चौंकाने वाला है और कल्पना से परे है, जब राहुल गांधी से आरजी  कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बारे में पूछा गया तो वे कहते हैं कि मुझसे इस बारे में मत पूछो, यह ध्यान भटकाने वाला है...जिस घटना ने पूरे देश को हिला दिया उस घटना को लेकर राहुल गांधी का ऐसा रवैया...क्या सुप्रीम कोर्ट ध्यान भटकाने में लगा है? उन्हें इस मुद्दे को ध्यान भटकाने वाला कहने की हिम्मत कैसे हुई.'

यूपी-एमपी में दौड़े चले आते हैं राहुल, कोलकाता नहीं जाएंगे

पूना वाला ने आगे कहा, 'जब यूपी, एमपी में इस तरह की घटना होती है तो वह वहां दौड़कर जाते हैं बंगाल जहां संविधान को बचाने का मामला है वहां वे नहीं जाएंगे...वे टीएमसी के खिलाफ एक शब्द नहीं कह सकते क्योंकि टीएमसी इंडी गठबंधन का हिस्सा है....यह ना केवल विरोध प्रदर्शन कर रहे परिवार का अपमान है, बल्कि पीड़िता का भी अपमान है. उन्हें माफी मांगनी चाहिए.'