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शीतकालीन सत्र के बीच राहुल गांधी ने की पीएम मोदी से मुलाकात, इन मुद्दों पर जताई आपत्ति

राहुल गांधी ने PM मोदी और अमित शाह से मुलाकात कर केंद्रीय सूचना आयोग और केंद्रीय सतर्कता आयोग की प्रमुख नियुक्तियों पर चर्चा की. उन्होंने मतभेद नोट भी सौंपा, जबकि बीजेपी ने विदेश यात्रा पर आलोचना की.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में महत्वपूर्ण नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए मुलाकात की. 

इस दौरान उन्होंने मतभेद नोट भी प्रस्तुत किया. यह बैठक ऐसे समय हुई जब गांधी की आगामी बर्लिन यात्रा पर बीजेपी ने सवाल उठाए, आरोप लगाया कि वह संसदीय कर्तव्यों की बजाय विदेश दौरे को प्राथमिकता दे रहे हैं.

राहुल गांधी की महत्वपूर्ण बैठक

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात में केंद्रीय सूचना आयोग और केंद्रीय सतर्कता आयोग के प्रमुख पदों के लिए नामों को अंतिम रूप देने पर चर्चा की. उन्होंने बैठक में मतभेद नोट भी सौंपा, जिसमें कुछ नियुक्तियों पर कांग्रेस के दृष्टिकोण का उल्लेख था.

विदेश यात्रा पर उठे सवाल

बैठक के समय गांधी की बर्लिन यात्रा की खबरें सामने आईं. बीजेपी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसदीय कर्तव्यों की बजाय विदेशी कार्यक्रमों को प्राथमिकता दे रहे हैं. कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि नियुक्तियों पर ध्यान देना भी उनके कर्तव्यों का हिस्सा है.

CIC पदों के लिए आवेदन की संख्या

RTI के जवाब में, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने बताया कि 21 मई को Chief Information Commissioner पद के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद 83 आवेदन प्राप्त हुए. इसके अलावा, 14 अगस्त 2024 की अधिसूचना के तहत Information Commissioner पदों के लिए 161 आवेदन आए.

नियुक्ति प्रक्रिया का विवरण

सूचना आयोग और सतर्कता आयोग की नियुक्तियां प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के बाद राष्ट्रपति द्वारा की जाती हैं. इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों, तकनीकी विशेषज्ञों और प्रशासनिक अनुभव वाले उम्मीदवारों के नामों पर गहन विचार किया जाता है.

क्या है आगे की प्रक्रिया

बैठक में तय किया गया कि सभी आवेदन और सुझावों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा. राहुल गांधी की सहभागिता और मतभेद नोट ने बहस को संतुलित किया. जल्द ही प्रधानमंत्री की समिति की सिफारिशें तैयार होंगी, जिसके बाद राष्ट्रपति पदाधिकारियों को नियुक्ति का अधिकार प्रदान करेंगे.