चन्नी झुके या बनी नई रणनीति? कल की बैठक तय करेगी पंजाब कांग्रेस का भविष्य
पंजाब कांग्रेस में जारी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात पर सहमति जताई है. हाईकमान ने स्पष्ट किया है कि संगठनात्मक फैसलों पर किसी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा.
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को लेकर चल रही अंदरूनी हलचल के बीच नया घटनाक्रम सामने आया है. कई दिनों की राजनीतिक चर्चा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल से मिलने का फैसला किया है. इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
कल होगी अहम बैठक
सूत्रों के अनुसार, भूपेश बघेल की मौजूदगी में होने वाली बैठक में चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक राणा गुरजीत सिंह शामिल होंगे. इससे पहले प्रस्तावित बैठक टल गई थी. चर्चा रही कि बैठक के स्थान और कुछ अन्य व्यवस्थाओं को लेकर मतभेद थे, लेकिन बाद में बातचीत का रास्ता साफ हो गया. अब इस मुलाकात को पंजाब कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Also Read
- ड्रोन से आ रही थी हेरोइन, अमृतसर पुलिस ने 8.378 किलो ड्रग्स के साथ दो को दबोचा
- पंजाब: रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़ी राहत, बढ़े हुए DA के आधार पर बढ़ेगी ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट; 3 महीने में मिलेगा अतिरिक्त भुगतान
- सतलुज फिल्म विवाद के बीच जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड के दोषी पूर्व DSP हुए गायब! मचा बवाल
हाईकमान का साफ संदेश
पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संगठन से जुड़े फैसले किसी दबाव में नहीं बदले जाएंगे. बताया गया है कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. बैठक के बाद भूपेश बघेल अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंपेंगे, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी.
सियासी समीकरणों पर नजर
राजा वड़िंग ने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें पद से हटाने का निर्णय नहीं लेता, तो इस्तीफे का सवाल नहीं उठता. वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक पंजाब कांग्रेस में जारी मतभेदों को कम करने की दिशा में अहम साबित हो सकती है. हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान के स्तर पर ही लिया जाएगा और आने वाले दिनों में संगठन की दिशा स्पष्ट होगी.