फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए नौकरी पाने के आरोप में घिरीं IAS पूजा खेडकर की ऑडी कार हुई जब्त

पुणे पुलिस ने ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की ऑडी कार को जब्त कर लिया है. फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी पाने के आरोप में घिरीं पूजा खेडकर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. केंद्र सरकार ने पूजा पर लगे तमाम आरोपों की जांच के लिए एक कमिटी का गठन किया है जो 2 हफ्तों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगी.

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Pune News: निजी गाड़ी पर लालबत्ती लगाने और फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी पाने से जैसे आरोप लगने के बाद रडार पर आईं पुणे की ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. रविवार को पुणे पुलिस ने उनकी प्राइवेट लग्जरी ऑडी कार को जब्त कर लिया.

RTO ने भेजा था नोटिस

बता दें कि अपनी तैनाती के दौरान पूजा जिस ऑडी कार का इस्तेमाल कर रही थीं वह आधिकारिक तौर पर शहर की एक प्राइवेट कंपनी के नाम पर पंजीकृत थी. पुणे आरटीओ द्वारा उस प्राइवेट कंपनी को नोटिस जारी किए जाने के कुछ दिनों बाद यह कार्रवाई की गई है. पूजा की ऑडी कार को जब्त कर चतुरश्रंगी पुलिस स्टेशन लाया गया.

पूजा की कार को क्यों किया गया सीज

कार को चतुरश्रंगी पुलिस थाने में ट्रैफिक डिवीजन में रखा गया है. कार पर जैमर लगाए गए हैं और उसके चारों तरफ बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं. आरोप है कि 34 वर्षीय आईएएस पूजा ने कथित तौर पर बिना अनुमति के अपनी निजी कार पर लाल बत्ती लगाई थी और उस पर महाराष्ट्र सरकार भी लिख रखा था.

रविवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'गुरुवार को कार पर बिना अनुमति के लाल बत्ती का इस्तेमाल करने और नाम लिखने को लेकर खेडकर को नोटिस भेजा गया था. अब कार को जब्त कर लिया गया है. इस कार के दस्तावेज चेक किये जाएंगे और हम मामले में आगे की कार्रवाई कर रहे हैं.' 

कौन कर सकता है लाल बत्ती की कार का इस्तेमाल

केवल राज्य सरकार में सचिव स्तर से ऊपर के शीर्ष अधिकारियों, पुलिस महानिरीक्षक और क्षेत्रीय आयुक्तों के रैंक के पुलिस अधिकारियों को बिना फ्लैशर के लाल बत्ती का उपयोग करने की अनुमति है, जबकि शीर्ष स्तर के जिला अधिकारी नीली बत्ती का उपयोग करने के हकदार हैं.

केंद्र ने गठित की जांच समिति
खेडकर पर  फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए नौकरी पाने और पावर का गलत इस्तेमाल करने के लगे आरोपों की जांच को लेकर केंद्र सरकार ने एकल सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति दो हफ्तों में अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपेगी.