'पश्चिमी मोर्चे पर पाकिस्तान से युद्ध की आशंका बहुत ज्यादा', लेफ्टिनेंट जनरल ने चेताया

नई दिल्ली में आयोजित वेस्टर्न कमांड इन्वेस्टिचर सेरेमनी को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा कि भारत के लगातार प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान के साथ रिश्ते दोस्ताना नहीं हो पाए हैं.

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Sagar Bhardwaj

भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ पश्चिमी मोर्चे पर युद्ध की आशंका बहुत ज्यादा बनी हुई है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सेना को हर स्तर पर पूरी तैयारी रखनी होगी.

पाकिस्तान से रिश्ते अब भी तनावपूर्ण

नई दिल्ली में आयोजित वेस्टर्न कमांड इन्वेस्टिचर सेरेमनी को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा कि भारत के लगातार प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान के साथ रिश्ते दोस्ताना नहीं हो पाए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले साल पहलगाम में हुई घटना भी उसी साजिश का हिस्सा थी, जो लंबे समय से भारत के खिलाफ चलाई जा रही है.

अगला युद्ध सीमित नहीं भी हो सकता

सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में होने वाला युद्ध सीमित दायरे तक नहीं रह सकता. उन्होंने कहा कि बदलते हालात और पाकिस्तान की रणनीति को देखते हुए हर तरह के खतरे के लिए तैयार रहना जरूरी है.

आतंकवाद के जरिए छद्म युद्ध जारी

लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा कि पाकिस्तान अब भी आतंकवाद के जरिए भारत के खिलाफ छद्म युद्ध चला रहा है. इसी कारण सेना को जमीन, हवा, साइबर और तकनीकी हर मोर्चे पर चौकन्ना रहना होगा.

ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र

अपने संबोधन में उन्होंने हालिया सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया. उन्होंने पश्चिमी कमान की यूनिट्स और जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और एयरबेस को नुकसान पहुंचाकर उसे कड़ा संदेश दिया गया.

वीर जवानों को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान बहादुरी और विशिष्ट सेवा के लिए जवानों और यूनिट्स को वीरता पुरस्कार दिए गए. लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने पुरस्कार पाने वाले सैनिकों को सेना के लिए रोल मॉडल बताया. उन्होंने शहीदों की माताओं और पत्नियों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता.

भविष्य के युद्ध में तकनीक की बड़ी भूमिका

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. आधुनिक तकनीक, ड्रोन और बिना चालक वाले सिस्टम भविष्य के युद्ध में अहम भूमिका निभाएंगे. ऐसे में उच्च स्तर की तैयारी और आधुनिक क्षमताओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है.