नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देशवासियों से जनगणना 2027 में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि जनगणना सिर्फ लोगों की गिनती करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके आंकड़ों के आधार पर देश की नीतियां, योजनाएं और विकास की रणनीति तैयार की जाती है. इसलिए जनगणना में दी जाने वाली जानकारी सही और सटीक होना बेहद जरूरी है.
इस बार जनगणना को डिजिटल तरीके से किया जा रहा है. सरकार ने नागरिकों को Self-Enumeration यानी स्व-जनगणना की सुविधा भी दी है. इसके तहत परिवार का कोई सदस्य मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए अपने घर और परिवार से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकता है. प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि परिवार के सदस्य साथ बैठकर सभी जानकारी ध्यान से भरें और सबमिट करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें.
सबसे पहले आधिकारिक Self-Enumeration पोर्टल पर जाना होगा. यहां परिवार और घर से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. सभी सवालों को ध्यान से पढ़कर सही जानकारी दर्ज करनी होगी. जानकारी जमा करने के बाद एक Self-Enumeration ID मिलेगी. यह ID मोबाइल या ईमेल पर भी प्राप्त हो सकती है.
इसके बाद जब जनगणना कर्मचारी आपके घर पहुंचेगा तो उसे यह ID बतानी होगी. कर्मचारी ऑनलाइन दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन करेगा. यानी Self-Enumeration करने के बाद भी जनगणना कर्मचारी द्वारा जानकारी की पुष्टि की जाएगी.
Self-Enumeration के दौरान घर की स्थिति, परिवार में रहने वाले लोगों और घर में उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है. पोर्टल पर सवालों के साथ जरूरी निर्देश और सहायता भी उपलब्ध कराई गई है. यह सुविधा हिंदी, अंग्रेजी समेत कुल 16 भाषाओं में उपलब्ध है.
अगर कोई व्यक्ति खुद ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं करना चाहता या उसके लिए यह संभव नहीं है, तो जनगणना कर्मचारी घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे. इसलिए मोबाइल से फॉर्म भरना हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य नहीं है.
जनगणना से जुड़ी जानकारी की गोपनीयता Census Act, 1948 के तहत सुरक्षित रखी जाती है. लोगों को सलाह दी जाती है कि अपनी जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर ही दर्ज करें और किसी अनजान लिंक या वेबसाइट पर निजी जानकारी साझा न करें.
जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना है. इस बार जाति संबंधी आंकड़े भी जुटाए जाएंगे. जनगणना से मिलने वाले आंकड़ों का इस्तेमाल भविष्य में सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास की दिशा तय करने में किया जाएगा. इसलिए प्रधानमंत्री ने युवाओं समेत सभी नागरिकों से इसमें जिम्मेदारी के साथ भाग लेने की अपील की है.