आधी रात फिर कैमरे पर आए PM मोदी, युवाओं को दिया धन्यवाद... NEET विवाद के बीच कर दिया बड़ा ऐलान
NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देर रात वीडियो जारी कर युवाओं का सुझाव देने के लिए धन्यवाद दिया.
नई दिल्ली: नीट- यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देर रात वीडियो संदेश जारी किया. वीडियो में उन्होंने युवाओं के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि उनसे मुलाकात का अवसर मिला और सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो को बड़ी प्रतिक्रिया मिली. प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार सकारात्मक संवाद जारी रखेगी और युवाओं के सुझावों पर ध्यान देगी. इससे पहले जारी वीडियो में प्रधानमंत्री ने पेपर लीक के मामलों को गंभीर बताते हुए ऐसे अपराधों पर तेजी से कार्रवाई का भरोसा दिया था.
उन्होंने कहा था कि इन घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है. इसी कारण संबंधित अधिकारियों को फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही उन्होंने NEET पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक कराने वाले अधिकारियों की भी सराहना की.
युवाओं के संदेश पर जताया आभार
प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि पिछली रात हुई मुलाकात के बाद उन्हें लोगों की ओर से बड़ी संख्या में सुझाव मिले. उन्होंने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सकारात्मक संवाद आगे भी जारी रहेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों की भागीदारी और सुझाव सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं और वह लगातार इस दिशा में संवाद बनाए रखना चाहते हैं.
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पेपर लीक को बताया गंभीर चुनौती
अपने पहले वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक जैसी घटनाएं बेहद दुखद हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता. उन्होंने बताया कि NEET मामले में कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन वह अभी भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं. इसी वजह से उन्होंने संबंधित एजेंसियों को मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने के निर्देश दिए हैं.
कैबिनेट ने नए विधेयक को दी मंजूरी
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संसद परिसर में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करने वाले नए विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई. यह मसौदा सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े 2024 के कानून की जगह लेने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. सरकार इसे अगले सप्ताह संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है.
10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव
प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के दोषियों के लिए अधिकतम 10 वर्ष की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना और ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाना है.
विरोध जारी, NTA सुधारों पर भी काम
नए विधेयक के मसौदे को मंजूरी मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं. हालांकि, सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल का पूरा समर्थन उन्हें प्राप्त है. वहीं, केंद्र सरकार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े सुधारों पर भी काम कर रही है और इन्हें अगले एक-दो महीनों में लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है.