IPL 2026

सऊदी प्रिंस के साथ पीएम मोदी ने की बात, ऊर्जा ठिकानों पर हमले की निंदा; समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने पर बनी सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब और अमेरिका के शीर्ष नेताओं से पश्चिम एशिया के संकट पर चर्चा की. उन्होंने समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को रोकने पर विशेष बल दिया.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है. भारत ने इस तनावपूर्ण माहौल में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जताई है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से महत्वपूर्ण बातचीत की. इन वार्ताओं का केंद्र समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना रहा है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है.

प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से क्षेत्रीय स्थिति पर विस्तृत चर्चा की. इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. मोदी ने क्षेत्रीय ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की. दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि वर्तमान परिस्थितियों में व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित रखना वैश्विक समुदाय के व्यापक हित में है.

भारतीय समुदाय के प्रति आभार 

प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब में रह रहे लाखों भारतीयों के कल्याण का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने भारतीय समुदाय के हितों और उनके निरंतर समर्थन के लिए सऊदी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया. सऊदी अरब में भारतीयों का योगदान दोनों देशों के बीच सेतु का कार्य करता है. इस चर्चा ने न केवल कूटनीतिक संबंधों को मजबूत किया, बल्कि प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और खुशहाली के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को भी स्पष्ट रूप से दर्शाया.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से वार्ता 

सऊदी अरब के साथ चर्चा के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी फोन पर बात की. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद यह उनकी पहली बातचीत थी. दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की अस्थिर स्थिति पर विचार साझा किए. इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय शांति को बहाल करना और युद्ध के व्यापक प्रभावों को कम करने के लिए एक साझा दृष्टिकोण तैयार करना था.

होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व 

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व पर विशेष चर्चा हुई. ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए 'लाइफलाइन' माना जाता है. नेताओं ने माना कि इस मार्ग में किसी भी प्रकार का अवरोध अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है.

ईरान का रुख और भविष्य की संभावनाएं 

क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान ने एक लचीला संकेत देते हुए कहा है कि वह 'गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों' को मार्ग से गुजरने की अनुमति दे सकता है. हालांकि इसके लिए ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय अनिवार्य होगा. भारत लगातार कूटनीति और संवाद के जरिए तनाव कम करने का पक्षधर रहा है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उम्मीद है कि प्रमुख देशों के बीच यह निरंतर संवाद समुद्री व्यापार को युद्ध की विभीषिका से बचाने में भविष्य में सफल सिद्ध होगा.