ईरान जंग पर मुख्यमंत्रियों के साथ आज बैठक करेंगे PM मोदी, जानें क्यों शामिल नहीं होंगे ममता-हिमंत?
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. इसी क्रम में इस स्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक बुलाई है. हालांकि इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और असम के सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा शामिल नहीं होंगे. यहां जानें की क्यों?
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध की आग ने अब पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. इस युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. भारत में भी इस संघर्ष का असर ऊर्जा आपूर्ति, आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शाम 6 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक बुलाई है.
पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई इस बैठक में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक का मुख्य फोकस पश्चिम एशिया में जारी संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर होगा. हालांकि इस बैठक में पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को शामिल नहीं किया गया है.
क्यों नहीं शामिल हो रहे कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री?
मिल रही जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री इस मीटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि इन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके कारण वहां चुनावी आदर्श आचार संहिता लागू कर दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक मंत्रिमंडल सचिवालय इन चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक करेगा. यह फैसला चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. एक महीने से चल रहे युद्ध के बीच यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री मोदी मिडिल ईस्ट संघर्ष को लेकर सीधे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं. इस जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो गया है, जिसके कारण तेल और गैस सप्लाई चेन प्रभावित हुई है.
लोकसभा में पीएम मोदी का संदेश
हालांकि इस बैठक से पहले पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि इस संघर्ष से पैदा हुआ अप्रत्याशित संकट लंबे समय तक रहने वाला है. हालांकि साथ में यह भी कहा था कि सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. पीएम मोदी ने इस संकट की तुलना कोविड-19 महामारी से की थी और सभी देशवासियों को उसी तरह एकजुटता और धैर्य के साथ इसका सामना करने का संदेश दिया था.
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी युद्ध ने भारत के सामने आर्थिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. इस परिस्थिति से लड़ने के लिए उन्होंने संसद से एकमत और एकजुट संदेश देने की अपील भी की थी. देश में एलपीजी की समस्या बढ़ रही है, साथ में तेल को लेकर भी लोगों में डर का माहौल है. आने वाले समय में ही यह स्थिति साफ होगा कि भारत इस जंग के लिए कितना तैयार है.
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