पीएम मोदी ने झारखंड में किया 660 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ, कांग्रेस ने दागे 3 सवाल
पीएम ने कहा, 'एक समय था जब आधुनिक विकास देश के कुछ शहरों तक ही सीमित था. झारखंड जैसे राज्य आधुनिक विकास के मामले में पिछड़े हुए थे. लेकिन 'सबका साथ, सबका विकास' की सोच ने देश की मानसिकता बदल दी है. अब गरीब, आदिवासी और दलित हमारे देश की प्राथमिकता हैं. महिलाएं, किसान और युवा हमारी प्राथमिकता हैं...'
Jharkhand News: प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को झारखंड के रांची में 660 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का वर्चुअली शुभारंभ किया. पीएम ने टाटानगर से 6 वंदे भारत ट्रेनों को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाई. ये ट्रेनें ट्रेनें टाटानगर-पटना, भागलपुर-दुमका-हावड़ा, ब्रह्मपुर-टाटानगर, गया-हावड़ा, देवघर-वाराणसी और राउरकेला-हावड़ा रूट पर चलेंगी.
हजारीबाग टाउन कोचिंग डिपो की रखी आधारशिला
इसके अलावा पीएम ने देवघर जिले में मधुपुर बाईपास लाइन और हजारीबाग टाउन कोचिंग डिपो की आधारशिला रखी. पीएम ने कुरकुरा-कनारूआं लाइन के दोहरीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित किया.
पीएम आवास योजना के तहत 32 करोड़ की पहली किस्त जारी
पीएम ने पीएम आवास योजना के तहत 32,000 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए और घरों के निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की.
46,000 लाभार्थियों को सौंपी चाबियां
उन्होंने देशभर में पीएम आवास योजना के 46,000 लाभार्थियों को वर्चुअल माध्यम से चाबियां सौंपीं. केंद्र ने पीएम आवास योजना के तहत झारखंड में गरीबों के लिए 1,13,400 घरों को मंजूरी दी है. वर्चुअल माध्यम से आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने इन परियोजनाओं के लिए झारखंड के लोगों को बधाई दी.
पीएम ने कहा, 'एक समय था जब आधुनिक विकास देश के कुछ शहरों तक ही सीमित था. झारखंड जैसे राज्य आधुनिक विकास के मामले में पिछड़े हुए थे. लेकिन 'सबका साथ, सबका विकास' की सोच ने देश की मानसिकता बदल दी है. अब गरीब, आदिवासी और दलित हमारे देश की प्राथमिकता हैं. महिलाएं, किसान और युवा हमारी प्राथमिकता हैं...'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'झारखंड के लिए रेलवे विकास का बजट 7000 करोड़ रुपये है. अगर हम इसकी तुलना 10 साल पहले के बजट से करें तो यह 16 गुना ज्यादा है...'
कांग्रेस ने दागे 3 सवाल
इस बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने झारखंड की समस्याओं को संबोधित करते हुए भाजपा से तीन सवाल पूछ लिए.
1. जमशेदपुर के लोग अभी भी ख़राब कनेक्टिविटी की समस्या से क्यों जूझ रहे हैं?
2. आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र को अब तक पर्यावरण मंजूरी क्यों नहीं मिली?
3. पीएम ने आदिवासियों को उनकी धार्मिक पहचान से वंचित क्यों किया और सरना कोड को मान्यता देने से इंकार क्यों किया?