पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ेंगे? सरकार ने दिया बड़ा बयान, जानिए क्या है तैयारी; आपको क्या करना है ये भी बताया
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और LPG की कमी से इनकार किया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, हालांकि भविष्य में कीमतें बढ़ेंगी या नहीं इस पर फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया.
तेल की कीमतें फिर से बढ़ाए जाने की चर्चाओं के बीच भारत सरकार का बयान आ गया है. सोमवार को मंत्रालयों की प्रेस ब्रीफिंग में पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि फिलहाल भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार है. इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता कि डीजल और पेट्रोल के दाम कब बढ़ाए जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से वैकल्पिक ईंधन के उपयोग की अपील की है. बता दें कि शुक्रवार को ऑयल कंपनियों ने डीजल और पेट्रोल के दाम तीन- तीन रुपये बढ़ाए गए थे, लेकिन उसके बाद से ऐसी चर्चा शुरू हो गई थी कि जल्द ही तेल के दामों में बड़ा इजाफा हो सकता है.
कीमतें कब बढ़ेंगी, कहा नहीं जा सकता:सुजाता शर्मा
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव भी बरकरार है, जो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के लिए जिम्मेदार है. अभी यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि स्थिति कब तक सामान्य होगी और फ्यूल की कीमतों में अगला बदलाव कब होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी तेल कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव का सामना कर रही हैं, लेकिन फिलहाल कीमतें बढ़ाने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है, हालांकि निकट भविष्य में तेल के दाम बढ़ने के सवाल का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार
सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य है. मंत्रालय के अनुसार पेट्रोल पंप, एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि पैनिक बाइंग करने से बचें, जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल, डीजल और एलपीजी खरीदें ताकि सप्लाई चेन पर अतिरिक्त भार न पड़े.
वैकल्पिक ईंधन के उपयोग की अपील
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया के माध्यम से उपभोक्ताओं से अपील की है कि वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करें. एलपीजी के मुकाबले पीएनजी, इंडेक्शन और इलेक्ट्रोनिक कुकटॉप पर शिफ्ट होने का प्रयास करें. ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके. बता दें कि यूएस- ईरान तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से गुजर रही है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारतीय तेल कंपनियां भी दबाव में काम कर रही हैं.