'मंदिर-मस्जिद की राजनीति में बंगाल के लोगों को दिलचस्पी नहीं,' भाजपा नेता दिलीप घोष का बड़ा बयान

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने एक प्रेस कांफ्रेस में बडा बयान दिया.

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Ashutosh Rai

कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने एक प्रेस कांफ्रेस में बडा बयान दिया. उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल की जनता अब मंदिर–मस्जिद की राजनीति में कोई रुचि नहीं रखती और राज्य में रोजगार व विकास के मुद्दे सबसे अहम हैं.

राज्य के युवा बेरोजगारी से जूझ रहे

दिलीप घोष ने कहा कि राज्य के युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस सरकार इस गंभीर समस्या से ध्यान भटकाने के लिए बार-बार सांप्रदायिक और भावनात्मक मुद्दों को हवा देती है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से बंगाल में धंधे बंद हो रहे हैं और नई निवेश योजनाएं जमीन पर उतरने में असफल रही हैं. इन कारणों से युवाओं को राज्य छोड़कर दूसरे प्रदेशों में काम की तलाश करनी पड़ रही है.

बंगाल की जनता समझदार

भाजपा नेता ने आगे कहा, “बंगाल की जनता समझदार है. उन्हें पता है कि मंदिर या मस्जिद की राजनीति से न तो नौकरी मिलेगी और न ही उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा. लोग चाहते हैं कि सरकार रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर ध्यान दे.”

दिलीप घोष ने राज्य सरकार पर लगाए आरोप

दिलीप घोष ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए. उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती घोटाला, कोयला घोटाला और राशन वितरण में अनियमितताओं जैसे मामलों ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने दावा किया कि इन घोटालों की वजह से योग्य उम्मीदवारों को नौकरी नहीं मिल पाई और आम जनता का भरोसा सरकार से उठता जा रहा है.

विकास की राजनीति करना चाहती है भाजपा

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बंगाल में विकास की राजनीति करना चाहती है और केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य की जनता तक सही तरीके से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में पारदर्शी शासन और निवेश के अनुकूल माहौल बनाया जाए, तो बंगाल में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं.

चुनावों को लेकर भी कई संकेत दिए

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आने वाले चुनावों को लेकर भी कई संकेत दिए और कहा कि भाजपा जनता के असली मुद्दों के साथ मैदान में उतरेगी. उन्होंने भरोसा जताया कि बंगाल की जनता बदलाव चाहती है और रोजगार व विकास के एजेंडे को समर्थन देगी.