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पहलगाम हमले के बाद भारत के पलटवार से कांपा पाकिस्तान, आतंकियों के लॉन्च पैड किए खाली, सेना के बंकरों में दी पनाह

पहलगाम हमला और पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियां क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा हैं. भारत की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और कठोर कार्रवाई आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए आवश्यक है.

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Mayank Tiwari

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई. जिसके बाद भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई से डरा पाकिस्तान अब अपने कदम पीछे खींच रहा है. इंटेलिजेंस सूत्रों ने इंडिया टुडे टीवी को बताया कि पाकिस्तानी सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी लॉन्च पैड खाली करने शुरू कर दिए हैं और आतंकवादियों को सेना के आश्रय स्थलों और बंकरों में ट्रांसफर किया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पीओके में कई सक्रिय आतंकी लॉन्च पैड की पहचान की, जिसके बाद पाकिस्तान ने आतंकवादियों की स्थिति में फेरबदल शुरू किया. खुफिया जानकारी के अनुसार, आतंकवादियों को केल, सरदी, दूधनियाल, अथमुकाम, जुरा, लिपा, पच्छीबन, फॉरवर्ड कहुता, कोटली, खुइरट्टा, मंधार, निकैल, चमांकोट और जन्कोट जैसे प्रमुख स्थानों से हटाया जा रहा है.

बता दें कि, ये लॉन्च पैड पारंपरिक रूप से उन महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में काम करते हैं, जहां आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के लिए तैयार किया जाता है.

पाकिस्तान की बौखलाहट

पहलगाम हमले के बाद एलओसी पर बढ़ते तनाव ने पाकिस्तान को अपनी आतंकी ढांचे को भारतीय निगरानी और पूर्व-निवारक हमलों से बचाने के लिए मजबूर किया है. सूत्रों के अनुसार, पिछले हफ्ते सुरक्षा बलों ने पीओके में 42 आतंकी लॉन्च पैड और प्रशिक्षण केंद्रों का पता लगाया. इन शिविरों में अनुमानित 150 से 200 प्रशिक्षित आतंकवादी घुसपैठ की कोशिश में जुटे हैं.

जानिए पहलगाम हमले की कैसी रही भयावहता?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के 60 विदेशी आतंकवादी सक्रिय हैं. इसके साथ ही 17 स्थानीय आतंकवादी भी केंद्र शासित प्रदेश में काम कर रहे हैं. जहां 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़े 5 से 6 आतंकियों ने पहलगाम में 26 पर्यटकों, की हत्या कर दी. इन आतंकियों ने कथित तौर पर पीड़ितों से उनकी धार्मिक पहचान पूछी थी. हाल के सालों में नागरिकों पर यह सबसे भीषण हमला माना जा रहा है.

आतंकी हमले के बाद भारत में फैला जन आक्रोश

इस क्रूर हमले ने पूरे भारत में व्यापक गुस्सा पैदा किया है और पाकिस्तान के साथ तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है. पाकिस्तान की यह हरकत भारत की कड़ी प्रतिक्रिया को आमंत्रित कर सकती है.