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India Daily

जब जिपलाइन ऑपरेटर ने तीन बार कहा था- ‘अल्लाहू अकबर’... पहलगाम अटैक का यह वीडियो हुआ था तेजी से वायरल

पहलगाम हमले को एक साल पूरा हो गया है. आज के दिन एक बार फिर वही मंजर नजरों के सामने घूमने लगा है. एक पर्यटक ने जिपलाइन पर 53 सेकेंड का वीडियो बनाया था. इस वीडियो का काफी जिक्र हुआ था, जिसके बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं.

Shilpa Shrivastava
जब जिपलाइन ऑपरेटर ने तीन बार कहा था- ‘अल्लाहू अकबर’... पहलगाम अटैक का यह वीडियो हुआ था तेजी से वायरल
Courtesy: Grok AI

पहलगाम: 22 अप्रैल, 2025 का वो दिन, जिसे याद करते ही एक तरफ मन उदास हो जाता है और दूसरी तरफ आंखों में गुस्सा उतर आता है. यह वही दिन था, जब पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला किया गया और 26 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. मिनी-स्विट्जरलैंड कहा जाने वाला पहलगाम का बैसरन मैदान पर्यटकों से भरा हुआ था. हर कोई इंजॉय कर रहा था. कुछ लोग जिलाइन पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, तो कुछ लोग कैमरा में अपने खास पलों को कैद कर रहे थे. 

इसी दौरान एक पर्यटक ने जिपलाइन पर 53 सेकेंड का वीडियो बनाया. बता दें कि अहमदाबाद के ऋषि भट्ट कैमरे की तरफ देख रहे थे और दूसरी तरफ जिपलाइन पर जाने के लिए तैयार थे. खबरों के अनुसार, जिपलाइन ऑपरेटर ने कथित तौर पर तीन बार अल्लाहु अकबर कहा. शुरुआत में कुछ नहीं हुआ. फिर, बैकग्राउंड में अचानक से कुछ हलचल दिखने लगी. लोग इधर-उधर भागने लगे. ऋषि को पहले कुछ सेकेंड तो कुछ समझन नहीं आया, लेकिन बाद में कुछ लोगों को गोली लगने की बात समझ आई. 

26 लोगों को मारी गई थी गोली:

22 अप्रैल, 2025 को आतंकियों ने बैसरन के मैदान में गोलीबारी की थी. इस दौरान 26 लोग मारे गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली थी. यह पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है. इस वीडियो की बात करें तो इसमें ऋषि जब जिपलाइन पर थे तब उन्हें नीचे क्या हो रहा है, ये तुरंत समझ नहीं आया था. उन्होंने उस समय बताया था कि जब वो जिपलाइनिंग कर रहे थे, तब गोलीबारी शुरू हो गई. करीब 20 सेकेंड बाद उन्हें लगा कि कुछ हो रहा था. लोगों पर गोली चलाई जा रही है और लोगों को मारा जा रहा है. उन्होंने बताया कि उन्होंने 5 से 6 लोगों को गोली लगते देखा. 

तीन बार ‘अल्लाहु अकबर’ के बाद शुरू हुई गोलीबारी:

ऋषि ने बताया था कि जिपलाइन ऑपरेटर ने तीन बार अल्लाहु अकबर कहा था. इसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई. उन्होंने बताया कि लोगों को निशाना बनाया जा रहा था और वो अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे. जब उन्हें यह समझ आया तब उन्होंने अपनी बेल्ट खोली और नीचे कूद गए. फिर उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे को साथ लिया और भागने लगे. फिर वो एक जगह पर जाकर छिप गए. उन्होंने यह भी दावा किया था कि हमलावरों ने लोगों से उनका धर्म भी पूछा था. 

कौन था जिपलाइन ऑपरेटर?

वीडियो के वायरल होने के बाद एक सवाल तेजी से उभरा कि आखिर जिपलाइन ऑपरेटर कौन था. उस समय ऋषि ने बताया था कि वो एक आम कश्मीरी जैसा दिख रहा था. इसका नाम मुजम्मिल बताया गया, लेकिन उसके परिवार ने किसी भी गलत काम के आरोपों को खारिज कर दिया. उसके पिता ने कहा था कि अगर तूफान भी आता है तो हम अल्लाहु अकबर कहते हैं. इसमें हमारी क्या गलती है? मुजम्मिल सिर्फ जिपलाइन का काम करता था; वह कोई और काम नहीं करता था.