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एलओसी पर बढ़ी हलचल, '120 आतंकवादी घुसपैठ की फिराक में', BSF IG ने दी चेतावनी

बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर के आईजी अशोक यादव ने बताया कि नियंत्रण रेखा के 69 सक्रिय लॉन्चिंग पैडों पर लगभग 100-120 आतंकवादी घुसपैठ की कोशिश में जुटे हैं.

@BSF_Kashmir
Reepu Kumari

बीएसएफ के कश्मीर फ्रंटियर के महानिरीक्षक अशोक यादव ने सोमवार को बताया कि एलओसी पर हालात संवेदनशील बने हुए हैं और पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं. बीएसएफ इन गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है.

बीएसएफ स्थापना दिवस पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि बल ने वर्ष 2025-26 में सेना के साथ मिलकर कई अहम सफलताएं हासिल की हैं. इनमें सबसे बड़ा अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' रहा, जिसकी पूरे स्तर पर सराहना हुई.

'ऑपरेशन सिंदूर' एक बड़ी उपलब्धि

अशोक यादव ने सोमवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' को इस वर्ष की एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि बल नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सभी '69 सक्रिय लांचिंग पैडों' पर कड़ी नजर रख रहा है, जहां लगभग 100-120 आतंकवादी जम्मू-कश्मीर के इस तरफ घुसपैठ करने की फिराक में हैं.

कश्मीर घाटी में सुरक्षा के चाक चौबंद

बीएसएफ के 61वें स्थापना दिवस के अवसर पर हुमहामा में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि बीएसएफ, कश्मीर फ्रंटियर, कश्मीर घाटी में 343 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना के साथ निकट समन्वय में प्रभावी ढंग से तैनात और प्रभुत्व बनाए हुए है.

वर्ष 2025-26 की अपनी उपलब्धियों का हवाला देते हुए यादव ने कहा कि बल ने सेना और अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय और तालमेल से कुछ उपलब्धियां हासिल की हैं.

'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में

उन्होंने कहा, '2025-26 के दौरान बीएसएफ की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि 'ऑपरेशन सिंदूर' रही है, जिसका पहला चरण 6 मई से 10 मई, 2025 तक चलाया गया था. भारतीय सेना के साथ बीएसएफ इकाइयों ने नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी चौकियों और आतंकवादी ठिकानों पर प्रभावी ढंग से गोलीबारी की थी और मजबूत, सटीक और पेशेवर प्रतिक्रिया दिखाई थी.'

'ऑपरेशन सिंदूर' को वायुसेना सहित भारतीय बलों द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी लॉन्च पैडों के खिलाफ शुरू किया गया था, जिसके कुछ सप्ताह पहले आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में लगभग 25 लोगों, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, की हत्या कर दी थी.

चुनौतीपूर्ण इलाकों और दुश्मन की भारी गोलाबारी

बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने एक बयान में यह भी कहा कि बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा और नियंत्रण रेखा पर कुछ आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया.

प्रवक्ता ने कहा कि चुनौतीपूर्ण इलाकों और दुश्मन की भारी गोलाबारी के बीच बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर की त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया की सराहना की गई, जिससे उच्च ऊंचाई वाले युद्ध में उसकी क्षमता और मजबूत हुई.

प्रधानमंत्री की सराहना

यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के खिलाफ बीएसएफ की पेशेवर, प्रभावी और प्रभावशाली कार्रवाई की भारत के प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने काफी सराहना की.'

उन्होंने कहा, 'इस ऑपरेशन ने कश्मीर घाटी में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति बीएसएफ की सावधानीपूर्वक संचालन योजना और तैयारी, मारक क्षमता, कौशल और रणनीतिक योगदान को प्रदर्शित किया.'

दबदबा कायम

बीएसएफ आईजी ने कहा कि सेना के साथ समन्वय में बल ने नियंत्रण रेखा पर प्रभावी रूप से अपना दबदबा कायम रखा, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025 में घुसपैठ के चार प्रयासों में आठ आतंकवादियों को मार गिराया गया.

'खुफिया शाखा की निगरानी'

उन्होंने कहा, 'हमारी जी यूनिट नियंत्रण रेखा पर सभी 69 सक्रिय लॉन्चिंग पैड्स पर कड़ी नज़र रख रही है, जहां लगभग 100-120 आतंकवादी घुसपैठ की फिराक में हैं. साथ ही, आतंकवादियों के विभिन्न प्रशिक्षण शिविर भी हमारी खुफिया शाखा की निगरानी में हैं.'

अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद भी इस बल को संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर तैनात किया गया था. उन्होंने बताया, 'पहलगाम में पर्यटकों पर हुए भीषण हमले के बाद, पर्यटन स्थल की सुरक्षा के लिए गुलमर्ग बाउल में जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित बीएसएफ आतंकवाद निरोधी टीमों को तैनात किया गया था.'