चीनी डिफेंस तबाह किया, 23 मिनट में मिशन खत्म, भारत ने कैसे पाक ठिकानों पर किया हमला
PIB ने बताया कि भारतीय डिफेंस सिस्टम पेचोरा, OSA-AK, और आकाश मिसाइल सिस्टम से इसे अंजाम दिया गया. पाकिस्तान के हथियार चीन और तुर्की के थे. 7 मई की सुबह, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में नौ आतंकी शिविरों पर हमला किया
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करते हुए पाकिस्तान में भारी तबाही मचाई. इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भारतीय वायुसेना ने चीन के डिफेंस सिस्टम को जाम कर दिया था. इसके बाद मात्र 23 मिनट में पाक के नूर खान व रहीम यार खान एयरबेस को तबाह कर दिया. पाकिस्तान के कई हथियार उड़ा दिए. प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इसकी जानकरी दी है.
PIB ने बताया कि भारतीय डिफेंस सिस्टम पेचोरा, OSA-AK, और आकाश मिसाइल सिस्टम से इसे अंजाम दिया गया. पाकिस्तान के हथियार चीन और तुर्की के थे. 7 मई की सुबह, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में नौ आतंकी शिविरों पर हमला किया, जिसमें 100 आतंकवादी मारे गए. पाकिस्तान ने मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार से कई भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली आकाश ने उन्हें मार गिराया. भारतीय वायु सेना ने इसके लिए ISRO की मदद ली थी. कई सैटेलाइट पाकिस्तान की तरफ मोड़ दिए गए थे.
पाकिस्तान के एयरबेसों पर भारत के जवाबी हमले
भारत के जवाबी हमलों में नूर खान और रहीम यार खान समेत पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों को सर्जिकल सटीकता के साथ निशाना बनाया गया. हवा में मंडराते हथियारों का इस्तेमाल काफी अक्रमाक तरीके से किया गया, जिनमें दुश्मन के रडार और मिसाइल सिस्टम समेत उच्च-मूल्य वाले लक्ष्य शामिल थे, जिन्हें खोजकर नष्ट कर दिया गया. घूमते हुए हथियार, जिन्हें 'आत्मघाती ड्रोन' या 'कामिकेज़ ड्रोन' के नाम से भी जाना जाता है, वे हथियार प्रणालियां हैं जो लक्ष्य क्षेत्र के आसपास मंडराते या चक्कर लगाते हैं और लक्ष्य के बारे में जाकारी देते हैं.
सरकार ने कहा कि सभी हमले भारतीय संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए बिना किए गए, जो हमारे सशस्त्र बलों की कौशल को दर्शाता है. लंबी दूरी के ड्रोन, आधुनिक स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल ने इन हमलों को काफी प्रभारी बनाया. चूंकि आतंकवादियों पर सटीक हमले नियंत्रण रेखा या अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार किए बिना किए गए थे, इसलिए यह अनुमान लगाया गया था कि पाकिस्तान की प्रतिक्रिया सीमा पार से आएगी. भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के हमलों का मुकाबला करने के लिए काउंटर-मानव रहित हवाई प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक परिसंपत्तियों और वायु रक्षा हथियारों का एक अनूठा मिश्रण अपनाया.
भारत की एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान में दिखाया दम
पाकिस्तान की तरफ से 7 और 8 मई की रात को ड्रोन और मिसाइलों हमले किए गए. अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकाने पाकिस्तान के टारगेट थे. भारत की एयर डिफेंस सिस्टम ने सारे हमलों को नाकाम कर दिया. ऑपरेशन सिंदूर के हिस्से के रूप में, युद्ध-सिद्ध AD (वायु रक्षा) सिस्टम जैसे कि पेचोरा, OSA-AK और LLAD गन (लो-लेवल एयर डिफेंस गन) का इस्तेमाल किया गया. आकाश जैसी स्वदेशी प्रणाली, जिसने शानदार प्रदर्शन किया.