अवैध गैंबलिंग पर सरकार का वार, 242 वेबसाइट्स ब्लॉक कर ऑनलाइन जुए का किया गेम ओवर
भारत सरकार ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए 242 वेबसाइटें ब्लॉक कर दी हैं. ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद अब तक 7,800 से ज्यादा प्लेटफॉर्म बंद किए जा चुके हैं.
नई दिल्ली: ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े खतरों पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. शुक्रवार को 242 अवैध बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई अक्टूबर 2025 से लागू ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत की गई है. सरकार का कहना है कि इसका मकसद युवाओं को वित्तीय नुकसान और सामाजिक बुराइयों से बचाना है.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को जिन 242 वेबसाइट्स को ब्लॉक किया गया, वे बिना अनुमति ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की सेवाएं दे रही थीं. इस कार्रवाई के बाद अब तक बंद की गई अवैध वेबसाइट्स की संख्या 7,800 से ज्यादा हो चुकी है. अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो सके.
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट का उद्देश्य
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 को अगस्त 2025 में राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी. इस कानून का मुख्य उद्देश्य ई स्पोर्ट्स और सामाजिक ऑनलाइन गेम्स को बढ़ावा देना है, जबकि पैसों से जुड़े नुकसानदायक जुए और सट्टेबाजी को पूरी तरह रोकना है. सरकार का मानना है कि स्पष्ट कानून होने से वैध और अवैध गेमिंग प्लेटफॉर्म के बीच फर्क करना आसान हो गया है.
खिलाड़ियों पर नहीं, संचालकों पर कार्रवाई
इस कानून की खास बात यह है कि इसमें ऑनलाइन गेम खेलने वाले आम यूजर्स को अपराधी नहीं माना गया है. सरकार की कार्रवाई का फोकस उन सेवा प्रदाताओं, विज्ञापन देने वालों, प्रमोटर्स और फाइनेंसरों पर है जो अवैध प्लेटफॉर्म चला रहे हैं या उन्हें बढ़ावा दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि इससे आम नागरिकों को डरने की जरूरत नहीं है.
अक्टूबर 2025 से लागू नियम
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत बनाए गए नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुए थे. इसके बाद से ही अवैध वेबसाइट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने का सिलसिला तेज हो गया. सरकार का कहना है कि टेक्नोलॉजी की मदद से संदिग्ध वेबसाइट्स और ऐप्स पर नजर रखी जा रही है ताकि वे भारतीय यूजर्स तक न पहुंच सकें.
युवाओं और समाज की सुरक्षा पर जोर
सरकार ने साफ किया है कि इस अभियान का मकसद केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि युवाओं को आर्थिक शोषण और लत से बचाना भी है. अवैध ऑनलाइन जुआ न सिर्फ पैसे का नुकसान करता है, बल्कि मानसिक और सामाजिक समस्याएं भी पैदा करता है. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित और जिम्मेदार ऑनलाइन गेमिंग सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी.