ओडिशा बंद का ऐलान! स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद? इन लोगों पर पड़ेगा असर
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राजनीतिक समर्थन से आज यानी बुधवार को ओडिशा बंद का आह्वान किया गया है. ऐसे में स्थानिय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
धान खरीदारी में कथित कुप्रबंधन और किसानों के साथ हो रहे अनदेखी के विरोध में आज यानी बुधवार को नवनिर्माण कृषक संगठन ने ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राजनीतिक समर्थन से ओडिशा बंद का आह्वान किया है. ऐलान किया गया कि ओडिशा बंद सुबह 6 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगा.
बंद की घोषणा के बाद से ही आम लोगों, खासकर छात्रों और अभिभावकों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि क्या इस दौरान स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे? हालांकि अब तक राज्य सरकार या शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को बंद रखने को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है.
इन चीजों पर प्रभाव संभव
ओडिशा के छात्रों और अभिभावकों को निर्देश दिया गया है कि स्कूल और कॉलेज जाने से पहले अपने स्कूल प्रशासन से अपडेट लें. कई निजी स्कूल एहतियातन ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर सकते हैं या एक दिन के लिए अवकाश घोषित कर सकते हैं. आमतौर पर राज्यव्यापी बंद और हड़ताल के दौरान सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होता है, जिसका असर स्कूलों की उपस्थिति पर भी पड़ता है. हालांकि जो छात्र स्कूल जाना चाहते हैं उन्हें अपने नीजी वाहनों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा साइड रास्ते से भी आप जा सकते हैं.
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ओडिशा बंद के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन और विरोध रैलियों की संभावना है. इसके चलते बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालय, अदालतें, बैंक, पेट्रोल पंप और अन्य वित्तीय संस्थान बाधित हो सकते हैं. सड़क और रेल परिवहन सेवाओं में भी बाधा उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है.
सभी जिला प्रशासन को मिला निर्देश
ओडिशा सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों और मजिस्ट्रेटों को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. गृह विभाग के विशेष सचिव आर.के. शर्मा द्वारा जारी पत्र में आशंका जताई गई है कि प्रदर्शनकारी दुकानों को जबरन बंद करा सकते हैं, बाजार क्षेत्रों में अशांति फैला सकते हैं और सरकारी कामकाज में बाधा डाल सकते हैं. परिवहन बाधित होने के कारण सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रह सकती है. इससे दस्तावेज़ों के निपटारे, जन शिकायतों और रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों में देरी होने की आशंका है.