निज्जर हत्याकांड में भारत का कोई हाथ नहीं, ट्रूडो के आरोप झूठे: कनाडा की जांच में हुआ खुलासा

हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड की जांच में कनाडा की आरसीएमपी को भारत सरकार या उसके अधिकारियों की संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला. इससे 2023 में लगाए गए आरोपों पर नए सिरे से सवाल खड़े हो गए हैं.

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Sagar Bhardwaj

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के संबंधों में पैदा हुआ विवाद एक बार फिर चर्चा में है. कनाडा की जांच एजेंसी आरसीएमपी के ताजा बयान ने इस मामले में पहले लगाए गए आरोपों और जांच की दिशा को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

 जांच में नहीं मिला भारत के खिलाफ प्रमाण

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने अपनी जांच के दौरान कहा है कि अब तक ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में भारत सरकार या उसके किसी अधिकारी की भूमिका थी. एजेंसी के अनुसार, उपलब्ध तथ्यों और अब तक एकत्र किए गए सबूतों के आधार पर किसी सरकारी भारतीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई या आरोप तय करने जैसी स्थिति नहीं बनी है. इस बयान के बाद 2023 में तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

 लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का जिक्र

आरसीएमपी का यह बयान उस समय सामने आया जब अमेरिकी अधिकारियों की ओर से जारी एक आरोपपत्र में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके पूर्व सहयोगी गोल्डी बराड़ का नाम सामने आया. आरोपपत्र में दावा किया गया कि वर्ष 2023 में निज्जर की हत्या के निर्देश इन्हीं आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा दिए गए थे. महत्वपूर्ण बात यह रही कि अमेरिकी दस्तावेजों में भी भारत सरकार या उसके किसी अधिकारी की कथित भूमिका का कोई उल्लेख नहीं किया गया है.


 भारत-कनाडा संबंधों पर फिर चर्चा

आरसीएमपी की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने कहा है कि जांच अभी समाप्त नहीं हुई है और कई पहलुओं की पड़ताल जारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर भारत सरकार को इस मामले से जोड़ने वाला कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है. वर्ष 2023 में लगाए गए आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव पैदा हुआ था. अब जांच एजेंसी के ताजा बयान के बाद पूरे घटनाक्रम और उस समय सामने आए दावों पर नई बहस शुरू हो गई है, जबकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.