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India Daily

तिहाड़ जेल में बंद NEET पेपर लीक आरोपी ने मांगी ऐसी 3 किताबें, कोर्ट ने दी पढ़ने की इजाजत

NEET-UG प्रश्नपत्र लीक मामले में तिहाड़ जेल में बंद धनंजय निवृत्ति लोखंडे ने हनुमान चालीसा, मंगल स्तोत्र और शिवाजी महाराज पर आधारित उपन्यास पढ़ने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर दिया.

KanhaiyaaZee
तिहाड़ जेल में बंद NEET पेपर लीक आरोपी ने मांगी ऐसी 3 किताबें, कोर्ट ने दी पढ़ने की इजाजत
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: देश की बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र लीक मामले में तिहाड़ जेल में बंद आरोपी धनंजय निवृत्ति लोखंडे इन दिनों धार्मिक और ऐतिहासिक किताबें पढ़ना चाहते हैं. उन्होंने दिल्ली की विशेष अदालत से हनुमान चालीसा, मंगल स्तोत्र और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित रंजीत देसाई का उपन्यास ‘श्रीमान योगी’ पढ़ने की अनुमति मांगी थी. अदालत ने जेल नियमों और सुरक्षा जांच की शर्तों के साथ उनकी अर्जी स्वीकार कर ली.

विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने 1 सितंबर को लोखंडे की अर्जी पर आदेश दिया. इसके तहत उनके परिवार के सदस्य या अधिकृत वकील किताबें जेल में पहुंचा सकते हैं. हालांकि, किताबें सीधे उन्हें नहीं दी जाएंगी. जेल प्रशासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी सामग्री की सुरक्षा जांच होगी. जेल नियमावली में अनुमति मिलने के बाद ही ये पुस्तकें लोखंडे तक पहुंच सकेंगी. अदालत का फैसला केवल पढ़ने की सामग्री उपलब्ध कराने से जुड़ा है.

प्रश्नपत्र लीक मामले में लोखंडे पर क्या आरोप?

केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI के मुताबिक, लोखंडे कथित तौर पर उस श्रृंखला का हिस्सा थे, जिसके जरिए महाराष्ट्र से प्रश्नपत्र से जुड़ी सामग्री दूसरे राज्यों तक पहुंचाई गई. जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने पुणे की आरोपी मनीषा वाघमारे से परीक्षा सामग्री हासिल की और उसे आगे शुभम खैरनार तक पहुंचाया. इसके बाद यह सामग्री कथित तौर पर हरियाणा के रास्ते राजस्थान तक पहुंची. इन आरोपों की अभी अदालत में सुनवाई होनी बाकी है.

22.7 लाख अभ्यर्थियों से जुड़ा था मामला

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसमें 22.7 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के शामिल होने की बात सामने आई. प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर दी थी. इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई और 16 जुलाई को परिणाम जारी हुआ. मामले की जांच महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान तक पहुंची. रिपोर्टों के अनुसार, CBI अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

किताबें मिलने का मतलब आरोपों से राहत नहीं

अदालत से धार्मिक और ऐतिहासिक किताबें पढ़ने की अनुमति मिलने का अर्थ यह नहीं है कि लोखंडे को प्रश्नपत्र लीक मामले में कोई राहत मिल गई है. वह अभी न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ लगे आरोपों की कानूनी प्रक्रिया जारी है. किताबें जेल प्रशासन की सुरक्षा जांच और नियमों के तहत ही उपलब्ध कराई जाएंगी. प्रश्नपत्र लीक में उनकी कथित भूमिका पर अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा.