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NEET Paper Leak: पिता ने 15 लाख में खरीदा नीट का पेपर, फिर भी फेल हो गया बेटा

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दिनेश बिश्नोई ने अपने बेटे ऋषि के लिए भी पेपर खरीदा था, लेकिन ऋषि बुरी तरह फेल हो गया. 3 मई को हुए NEET एग्जाम में पेपर हाथ में होने के बावजूद ऋषि सिर्फ 107 अंक ही हासिल कर सका. कुल 720 अंकों में इतना कम स्कोर आना खुद में एक बड़ा सवाल है.

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Antima Pal

राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे NEET पेपर लीक मामले में राजस्थान के सीकर जिले का बिश्नोई परिवार अब मुख्य आरोपी बन गया है. इस परिवार के तीन सदस्यों को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. दिनेश बिश्नोई पर आरोप है कि उन्होंने हरियाणा के यश यादव से NEET का पेपर ₹15 लाख में खरीदा. इसके बाद उन्होंने इसे कई छात्रों को ₹30 लाख में बेचा. पेपर लीक का यह सिलसिला सामने आने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया है.

परिवार के तीन सदस्य गिरफ्तार

सीबीआई की टीम ने दिनेश बिश्नोई, उनके बड़े भाई मंगीलाल बिश्नोई और मंगीलाल के बेटे विकास बिश्नोई को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी का मानना है कि दिनेश ने पेपर कई छात्रों को उपलब्ध कराया था. उनके बेटे ऋषि और भतीजे अमन फरार बताए जा रहे हैं. अमन ने पिछले साल NEET पास किया था. 

सबसे बड़ा ट्विस्ट

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दिनेश बिश्नोई ने अपने बेटे ऋषि के लिए भी पेपर खरीदा था, लेकिन ऋषि बुरी तरह फेल हो गया. 3 मई को हुए NEET एग्जाम में पेपर हाथ में होने के बावजूद ऋषि सिर्फ 107 अंक ही हासिल कर सका. कुल 720 अंकों में इतना कम स्कोर आना खुद में एक बड़ा सवाल है. ऋषि की पढ़ाई का रिकॉर्ड भी कमजोर रहा है. उसने कक्षा 10 में सिर्फ 43.6% अंक ही प्राप्त किए थे. 


पूरी फैमिली पर शक

जांच में पता चला है कि बिश्नोई परिवार के पांच सदस्यों ने NEET 2025 एग्जाम में अच्छे अंक प्राप्त किए थे. हैरानी की बात यह है कि ये सभी सदस्य पहले स्कूल में औसत छात्र थे. NEET 2024 में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा था, लेकिन 2025 में अचानक उनका स्कोर बहुत अच्छा हो गया. मेडिकल कॉलेज में इन छात्रों का प्रदर्शन फिर से औसत से नीचे बताया जा रहा है. कॉलेज प्रिंसिपलों के अनुसार इनकी पढ़ाई की स्थिति संदेहास्पद है. इससे यह आशंका मजबूत हुई है कि इन छात्रों ने भी लीक पेपर का फायदा उठाया था.

कैसे चला घोटाला?

जानकारों के मुताबिक, दिनेश और मंगीलाल बिश्नोई ने हरियाणा के यश यादव से 120 सवालों वाला गेस पेपर ₹15 लाख में लिया. इसके बाद उन्होंने इसे सीकर और आसपास के इलाकों में महंगे दामों पर बेचा. NEET पेपर लीक मामले ने लाखों ईमानदार छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं. देशभर में इस घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है. सीबीआई इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है. फरार आरोपी ऋषि और अमन की तलाश जारी है.