'मेरे लिए सम्मान की बात...,' ऑपरेशन सिंदूर पर केंद्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने पर बोलीं सुप्रिया सुले
ऑपरेशन सिंदूर' का संदेश दुनिया भर तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेज रही है.जिनका नेतृत्व विपक्षी सांसद करेंगे. इसमें शामिल बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का मिशन दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता का देश का एकजुट और अटूट संदेश देना है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार द्वारा नामित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी स्वीकार की है. यह प्रतिनिधिमंडल प्रमुख देशों का दौरा करेगा, ताकि भारत की सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निरंतर लड़ाई और हाल के ऑपरेशन सिंदूर को विश्व मंच पर पेश किया जा सके.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि इन प्रतिनिधिमंडलों का मिशन विश्व को भारत का एकजुट और दृढ़ संदेश देना है, जो आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता को दर्शाता है.
आतंकवाद के खिलाफ भारत का संदेश
सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का सम्मान प्राप्त हुआ है. मैं इस जिम्मेदारी को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करती हूं और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मंत्री किरेन रिजिजू जी, और विदेश मंत्रालय का आभार व्यक्त करती हूं. मैं बारामती लोकसभा क्षेत्र के लोगों का उनके निरंतर समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त करती हूं. हमारा मिशन भारत का आतंकवाद के प्रति एकजुट और दृढ़ संदेश देना है.”
एकता और राष्ट्रीय गौरव का संदेश
बारामती सांसद ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की प्रतिनिधिमंडल में नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद के बीच एकता और राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया. उन्होंने लिखा, “हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट हैं गर्वित, मजबूत और अडिग, जय हिंद,” यह बयान भारत की एकजुटता और आतंकवाद के खिलाफ उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है.
जानिए अन्य प्रतिनिधिमंडल प्रमुख शामिल होंगे?
सुप्रिया सुले और शशि थरूर के अलावा, सात प्रतिनिधिमंडलों के अन्य प्रमुखों में भाजपा के रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, जद(यू) के संजय कुमार झा, डीएमके की कनिमोझी, और शिवसेना के श्रीकांत शिंदे शामिल हैं. ये नेता विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को वैश्विक स्तर पर पेश करेंगे.