संबित पात्रा, प्रियंका गांधी...वन नेशन वन इलेक्शन पर बनी JPC में शामिल होने वाले 21 सांसद कौन हैं? जानें
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पर चर्चा के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया गया है. इस समिति का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार करना है. यह बिल इस साल संसद में पेश किया गया था और इसके बाद जेपीसी का गठन किया गया.
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पर चर्चा के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया गया है. इस समिति का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार करना है. यह बिल इस साल संसद में पेश किया गया था और इसके बाद जेपीसी का गठन किया गया. समिति में कुल 31 सदस्य शामिल होंगे, जिनमें 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्य शामिल हैं. आइए जानते हैं, इस समिति में शामिल प्रमुख सांसदों के बारे में...
जेपीसी का उद्देश्य और गठन
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का प्रस्ताव इस विचार पर आधारित है कि देश में लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ आयोजित किया जाए. यह प्रस्ताव एक साथ चुनाव कराने के विभिन्न लाभों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किया गया है, जिसमें समय और संसाधनों की बचत, चुनावी प्रक्रिया का सरलीकरण और सरकारी कामकाजी कार्यों में निरंतरता शामिल हैं.
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जेपीसी में शामिल सांसदों की लिस्ट
संयुक्त संसदीय समिति में कुल 31 सदस्य होंगे, जो इस बिल पर विचार करेंगे और इसके संबंध में अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करेंगे. जिन सांसदों को जेपीसी में शामिल किया गया है उनमें...
- पी.पी. चौधरी
- सी.एम. रमेश
- बांसुरी स्वराज
- परशोत्तंभाई रुपाला
- अनुराग सिंह ठाकुर
- विष्णु दयाल राम
- भारत्रुहारी महताब
- संबित पात्रा
- अनिल बलूनी
- विष्णु दत्त शर्मा
- प्रियंका गांधी वाड्रा
- मनीष तिवारी
- सुखदेव भगत
- धर्मेंद्र यादव
- कल्याण बनर्जी
- टी.एम. सेल्वागानपति
- सुप्रिया सुले
- जी.एम. हरिश बालयोगी
- श्रीकांत एकनाथ शिंदे
- चंदन चौहान
- बलाशोवरी वल्लभानी शामिल हैं.
इसके अलावा 10 सांसद राज्यसभा से होंगे जिनके नामों की लिस्ट अभी तक सामने नहीं आई है.
जेपीसी की रिपोर्ट का महत्व
इस समिति का प्रमुख कार्य इस विधेयक पर गहन विचार करना और इसके बारे में रिपोर्ट तैयार करना होगा. रिपोर्ट को बजट सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन संसद में पेश किया जाएगा. यह रिपोर्ट भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.