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मेरा दिमाग 200 करोड़ रुपये महीने का...एथेनॉल विवाद में पैसे के सवाल पर गडकरी का जबाव

नागपुर में एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि मेरा दिमाग 200 करोड़ रुपये प्रति माह का है. मैं ईमानदारी से कमाना जानता हूं उन्होंने आगे कहा कि उनके पास पैसों की कोई कमी नहीं है.

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Gyanendra Sharma

Nitin Gadkari: एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए सरकार के प्रयास पर उठे विवाद के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका दिमाग 200 करोड़ रुपये प्रति माह का है और वह धोखाधड़ी का सहारा लिए बिना ईमानदारी से कमाते हैं.

नागपुर में एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि मेरा दिमाग 200 करोड़ रुपये प्रति माह का है. मैं ईमानदारी से कमाना जानता हूं. उन्होंने आगे कहा कि उनके पास पैसों की कोई कमी नहीं है.

सरकार एथेनॉल को दे रही बढ़ावा

सरकार एथेनॉल को एक स्वच्छ और सस्ते वैकल्पिक ईंधन के रूप में बढ़ावा दे रही है , लेकिन खाद्य एवं जल सुरक्षा, वाहन सुरक्षा और उपभोक्ता विकल्प पर इसके प्रभाव को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं. आलोचकों ने यह भी दावा किया है कि दो प्रमुख एथेनॉल कंपनियां गडकरी के बेटों द्वारा संचालित हैं.

गडकरी ने सीधे तौर पर इस विवाद का ज़िक्र किए बिना बताया कि कैसे वे अपने बेटों को वैध व्यावसायिक उपक्रमों में मार्गदर्शन देते हैं. उन्होंने कहा कि मैं अपने बेटों को नए विचार देता हूं, लेकिन धोखाधड़ी का सहारा नहीं लेता.

'मैं निजी लाभ के लिए कृषि में कोई प्रयोग नहीं कर रहा'

गडकरी  ने कहा, हाल ही में मेरे बेटे ने ईरान से 800 कंटेनर सेब आयात किए और भारत से ईरान को 1,000 कंटेनर केले निर्यात किए. ईरान के साथ कोई मौद्रिक लेन-देन नहीं है. मेरा बेटा आयात-निर्यात का काम करता है. मेरे पास एक चीनी मिल, एक डिस्टिलरी और एक बिजली संयंत्र भी है. मैं निजी लाभ के लिए कृषि में कोई प्रयोग नहीं कर रहा हूं. 

गडकरी ने  बताया कि कैसे उन्होंने सब्ज़ी विक्रेताओं को नागपुर में फल मॉल स्थापित करने की सलाह दी. उनके अनुसार, इस तरह की पहल शहर के प्रमुख स्थानों पर सीधी बिक्री को सक्षम बनाकर व्यापारियों और किसानों को सशक्त बनाती है.