मुस्लिमों की जमीन पर बना मंदिर, विराजमान हुए भगवान गणेश; देखने को मिली सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल

गांव में भगवान गणेश का मंदिर नहीं था. गांव के हिंदू मंदिर निर्माण के लिए जमीन तलाश रहे थे लेकिन उन्हें जमीन नहीं मिल रही थी. अगर मुस्लिम लोग मदद न करते तो शायद मंदिर का निर्माण संभव नहीं हो पाता.

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देश में हिंदू-मुसलमानों के बीच खाई बढ़ने की बात कहने वाले लोगों को यह खबर थोड़ा चौंका सकती है. सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय देते हुए तमिलनाडु के तिरुपुर जिले के ऊटापलयम गांव में मुसलमानों के एक समूह ने अपनी एक जमीन का टुकड़ा मंदिर निर्माण के लिए दान में दिया है. टाइम्स नाउ न्यूज की खबर के मुताबिक इलाके के एक मुस्लिम समूह ने तीन मंदिर निर्माण के लिए तीन सेंट जमीन दान में दी है. जमीन के इस टुकड़े की कीमत 6 लाख रुपए आंकी गई है.

मुस्लिमों की जमीन पर बना भगवान गणेश का मंदिर 
इस जमीन पर भगवान गणेश का मंदिर बनाया गया है. सोमवार, 17 मई को इस नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया गया. मंदिर के उद्घाटन में गांव के मुस्लिमों ने भी हिस्सा लिया. उन्होंने न केवल मंदिर के उद्घाटन में हिस्सा लिया बल्कि हिंदुओं के साथ भोजन भी किया.

गांव में नहीं था भगवान गणेश का मंदिर

इससे पहले ऊटापलयम गांव में गणेश भगवान का मंदिर नहीं था. गांव के हिंदू भगवान गणेश के लिए मंदिर बनवाने के लिए जमीन खोज रहे थे लेकिन उन्हें मंदिर के लिए जमीन नहीं मिल रही थी. ऐसे में गांव का मुस्लिम समुदाय आगे आया और मंदिर के लिए जमीन दान दे दी. अगर मुस्लिम समुदाय जमीन दान न देता तो शायद मंदिर का निर्माण संभव न हो पाता.

मस्जिद में हुआ था राम मंदिर के लिए यज्ञ
सांप्रदायिक सौहार्द की यह देश में कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले जनवरी में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी. कर्नाटक के गडग जिले के नरगुंड में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने एक साथ मिलकर अयोध्या राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर एक मस्जिद में यज्ञ किया था. यज्ञ के दौरान भारत माता की तस्वीर भी वहां  रखी गई थी. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें हिंदू-मुस्लिम दोनों यज्ञ कर रहे थे.