30 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरफ्तार, देश भर में लोगों को कैसे लगाते थे चूना?

वकोला पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें से कुछ आरोपी राजस्थान और ठाणे के हैं. ये लोग देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का हिस्सा हैं. पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई.

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Anvi Shukla

Thane Cyber Fraud: मुंबई की वाकोला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान और ठाणे से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों की पहचान राजकरण तंवर (19), करण सैगर (19), मोहम्मद अंसारी (27), मिराज अख्तर (24) और फुजील अहमद अंसारी (21) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, ये आरोपी देशभर में कई साइबर धोखाधड़ी मामलों में शामिल थे और इन्होंने अब तक 30 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की थी.

जनवरी महीने में सांताक्रुज (पूर्व) के एक 26 वर्षीय युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर 3.4 लाख रुपये की ठगी की गई है. वाकोला पुलिस स्टेशन के निरीक्षक अमर पाटिल ने बताया, 'जांच के दौरान हमने बैंक अकाउंट ट्रांजैक्शन खंगाले और पाया कि ठगी का अकाउंट राजस्थान से संचालित हो रहा था.'

क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे ठगी के पैसे

पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान में छापेमारी की, जहां से राजकरण तंवर और करण सैगर को पकड़ा गया. अधिकारियों ने बताया, 'हमें पता चला कि ये दोनों आरोपी ठगे गए पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते थे और फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे.'

70 फर्जी बैंक खातों का नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया कि मोहम्मद अंसारी, जो भिवंडी का रहने वाला है, ने करीब 70 फर्जी बैंक खातों का प्रबंधन कर रहा था. इन खातों के जरिए ठगी के पैसे इधर-उधर किए जाते थे.

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी कई बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में शामिल थे. अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों के मुताबिक, पीड़ितों को 7.27 करोड़ रुपये, 41 लाख रुपये, 14 लाख रुपये, 22 लाख रुपये और 48 लाख रुपये की चपत लगाई गई थी. 

पुलिस हिरासत में भेजे गए आरोपी

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि ये आरोपी देशभर में फैले एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा हैं. सभी पांच आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 28 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.