Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026

मोदी सरकार के 10 साल में दर्ज हुए मनी लॉन्ड्रिंग के 5 हजार केस, सिर्फ 40 निकले दोषी, UAPA में भी ऐसा ही हाल

PMLA: मनी लॉन्ड्रिंग के तहत पिछले 10 साल में 5 हजार से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं लेकिन दोषी सिर्फ 40 लोग ही साबित हुए हैं. ऐसा ही कुछ हाल UAPA के मामलों में भी है. लगभग 9 हजार केस दर्ज हुए हैं लेकिन 222 लोग ही दोषी साबित हुए हैं. हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के सवाल पर ये आंकड़े केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोकसभा में पेश किए हैं. बता दें कि कई विपक्षी नेताओं को भी मनी लॉन्ड्रिंग के केस में ही गिरफ्तार किए गए हैं.

Social Media
India Daily Live

विपक्ष के नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के मामलों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर खूब सवाल उठे हैं. कई विपक्षी नेता अभी भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत जेल में हैं. इन मामलों में दोष सिद्धि तक पहुंचने का प्रतिशत बेहद कम है. 10 साल में 5 हजार से ज्यादा केस मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ही दर्ज किए गए हैं. इसमें से सिर्फ 40 लोग ही अब तक दोषी साबित हुए हैं. ऐसा ही मामला UAPA में भी है. उसमें 8 हजार से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं और सिर्फ 222 लोग ही अभी तक दोषी साबित हुए हैं. UAPA के 567 आरोपी बरी भी हो गए हैं.

इन चीजों को लेकर AIMIM  के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से सवाल पूछा था. उन्होंने कुल 7 सवाल पूछे थे. उन्होंने पूछा था कि 2014 से 2024 तक मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट और UAPA के तहत कितने केस दर्ज किए गए. उन्होंने यह भी पूछा था कि इतने समय में कितने लोग दोषी साबित हुए और कितने लोग बरी हो गए. अब केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने इसको लेकर जवाब दिया है और सारे आंकड़े लोकसभा में रखे हैं.

मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों का क्या है हाल?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 साल में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA एक्ट) के तहत कुल 5297 केस दर्ज किए गए हैं. इसमें से साल 2017 में दो और 2024 में एक आरोपी को बरी किया गया है. सिर्फ 40 आरोपी ही ऐसे हैं जिनको अभी तक दोषी पाया गया. यानी इन 43 को छोड़कर बाकी के सभी केस अभी भी अदालतों में ही चल रहे हैं. किसी भी साल में दोषी पाए गए लोगों की संख्या दहाई में नहीं पहुंची है. साल 2023 और 2024 में सबसे ज्यादा 9-9 लोगों को दोषी सिद्ध किया गया है.

UAPA, 1967 के मुताबिक दर्ज किए गए केस और उसमें से दोषी पाए गए लोगों की संख्या ऐसी ही है. 2014 से 2022 तक कुल 8719 केस UAPA के तहत दर्ज किए गए हैं. इसमें से सिर्फ 222 लोग अभी तक दोषी साबित हुए हैं और 567 लोग बरी भी हो चुके हैं. यानी 8719 में से सात हजार से ज्यादा केस अभी भी चल रहे हैं. 2018 में 1182, 2019 में 1226 और 2022 में सिर्फ 1005 लोगों के खिलाफ यूएपीए के तहत केस दर्जज किया गया था.