किस राज्य के MLA को मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी? गाड़ी, घर और भत्तों का भी हिसाब जानिए

देश में विधायकों की सैलरी और सुविधाएं एक जैसी नहीं हैं. राज्यों के नियमों के अनुसार वेतन, यात्रा, आवास, वाहन, चिकित्सा और अन्य भत्तों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है.

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Sagar Bhardwaj

सांसदों की तरह देशभर के विधायकों के लिए कोई एक समान वेतन व्यवस्था नहीं है. विधायकों का वेतन और भत्ते संबंधित राज्य की विधानसभा तय करती है. इसलिए अलग-अलग राज्यों में मूल वेतन के साथ मिलने वाली सुविधाओं और भत्तों में काफी अंतर है. विधायक को मिलने वाला कुल पैकेज केवल मासिक वेतन तक सीमित नहीं होता, बल्कि कई अतिरिक्त सुविधाएं भी इसमें शामिल होती हैं.

तेलंगाना में सबसे ज्यादा वेतन

2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना के विधायकों को करीब 2.75 लाख रुपये मासिक वेतन और भत्ते मिलते हैं. यह राशि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान बढ़ाई गई थी. हालांकि किसी विधायक को मिलने वाली वास्तविक आर्थिक सुविधा का आकलन केवल मूल वेतन से नहीं किया जा सकता, क्योंकि अलग-अलग राज्यों में यात्रा, आवास और अन्य भत्तों की व्यवस्था अलग होती है.

केरल में सबसे कम मासिक भुगतान

PRS Legislative Research के अनुसार, केरल के विधायक करीब 70 हजार रुपये मासिक वेतन और निर्धारित भत्ते प्राप्त करते हैं. इसमें निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, यात्रा, टेलीफोन, सूचना और अन्य मद शामिल हैं. इसके अलावा विधानसभा से जुड़े काम के लिए दैनिक भत्ता भी मिलता है. हालांकि कम वेतन का अर्थ यह नहीं है कि विधायक को अन्य सुविधाएं कम मिलती हैं. आवास, चिकित्सा और यात्रा जैसी सुविधाएं अलग से उपलब्ध हो सकती हैं.

सैलरी के अलावा मिलती हैं कई सुविधाएं

विधायकों को उनके वेतन के अलावा निर्वाचन क्षेत्र संबंधी खर्च, कार्यालय और सचिवीय सहायता, सरकारी यात्रा, विधानसभा सत्र के दौरान दैनिक भत्ता, आवास, चिकित्सा सुविधा, टेलीफोन और वाहन जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं. कुछ राज्यों में विधायक और उनके परिवार के लिए इलाज की व्यवस्था भी होती है. कार्यकाल पूरा होने के बाद पेंशन और अन्य लाभ भी राज्य के नियमों के अनुसार दिए जाते हैं.

हरियाणा में घर और कार के लिए सुविधा

कुछ राज्यों में विधायकों को अतिरिक्त वित्तीय सुविधाएं भी दी जाती हैं. हरियाणा में विधायकों को घर या मोटर कार खरीदने के लिए एक करोड़ रुपये तक के ऋण की सुविधा दिए जाने का प्रावधान रहा है. इसके अलावा मकान में बदलाव और मरम्मत के लिए भी अग्रिम राशि की व्यवस्था की गई है.

ओडिशा में विकास फंड अलग व्यवस्था

ओडिशा में 2025-26 से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह राशि विधायक की निजी आय या वेतन नहीं है, बल्कि क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए सार्वजनिक धन है. राज्यों में विधायकों की आय और सुविधाओं में अंतर का कारण आर्थिक क्षमता, जीवन-यापन की लागत, निर्वाचन क्षेत्र का आकार और समय-समय पर होने वाले वेतन संशोधन हैं.