'अंत में आपका हाल भी ..' बजट को लेकर MK स्टालिन ने पीएम मोदी को किया वॉर्न, जमकर सुनाई खरी-खोटी
बजट को लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोला है. किसी ने इस बजट को राजनीति से प्रेरित बताया तो किसी ने बजट को सरकार बचाऊ बजट करार दिया. इसी बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने भी पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अगर आप सामान्य रूप से सरकार नहीं चलाएंगे तो आप अलग-थलग पड़ जाएंगे.
23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्ण बजट पेश किया. इस बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गई. खासकर बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए. आंध्र प्रदेश को 15,000 करोड़ रुपये तो बिहार को विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए 26,000 करोड़ रुपये का बजट देने का ऐलान किया गया. इस बजट को लेकर विपक्ष के नेताओं ने सरकार बचाव बजट घोषित किया. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को पीएम मोदी के खिलाफ जुबानी हमला करते हुए उन पर केंद्रीय बजट के जरिए देश के बजाय सरकार को बचाने का आरोप लगाया.
स्टालिन ने कहा कि केंद्रीय बजट में कुछ राज्यों को छोड़कर सभी को दरकिनार किया गया है. इस संबंध में इंडिया अलायंस के सांसदों ने प्रदर्शन किया.
स्टालिन ने दी पीएम को सलाह
एम के स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा- "माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आपने कहा था, चुनाव खत्म हो गया है. अब हमें देश के बारे में सोचना चाहिए. लेकिन बजट का उद्देश्य देश के बजाय आपकी सरकार को बचाना है."
एम के स्टालिन ने कहा, - पीएम मोदी जी आप सामान्य रूप से अपनी सरकार को चलाएं. आप उन लोगों से बदला लेने पर आमादा न हों जिन्होंने आपको अभी तक हराया है. मैं यह सलाह देने के लिए बाध्य हूँ कि यदि आप अपनी राजनीतिक पसंद-नापसंद के अनुसार सरकार चलाएंगे, तो आप अलग-थलग पड़ जाएंगे.
दयानिधि मारन ने भी पीएम मोदी को दी सलाह
एम के स्टालिन के अलावा DMK सांसद दयानिधि मारन ने भी पीएम मोदी को सीएम स्टालिन का अनुसरण करने और उन लोगों के लिए काम करने की सलाह दी, जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया.
दयानिधि मारन ने कहा, "जब एमके स्टालिन तमिलनाडु के सीएम बने, तो उन्होंने कहा - मैं न केवल उन लोगों के लिए काम करूंगा जिन्होंने मुझे वोट दिया, बल्कि उन लोगों के लिए भी काम करूंगा जिन्होंने मुझे वोट नहीं दिया, यह मेरा कर्तव्य है. लेकिन पीएम मोदी उन लोगों के लिए काम नहीं कर रहे हैं जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया है. उन्हीं पार्टियों के लिए काम कर रहे हैं जो सरकार बनाए रखने में उनका समर्थन कर रही हैं."