तेलंगाना में 300 मासूम कुत्तों की निर्मम हत्या का मामला आया सामने, सरपंच पर लगे ये गंभीर आरोप

तेलंगाना के जगतियाल जिले में 300 आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या का मामला सामने आया है. सरपंच समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: तेलंगाना में आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या का एक और मामला सामने आने से राज्य में हड़कंप मच गया है. जगतियाल जिले के पेगडापल्ली गांव में करीब 300 आवारा कुत्तों के शव एक गड्ढे में दबे हुए पाए गए हैं. इस घटना के बाद जनवरी महीने में तेलंगाना में मृत पाए गए आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 900 तक पहुंच गई है.

यह गांव हैदराबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित है. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह सामूहिक हत्या गांव के सरपंच के आदेश पर कराई गई. स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की प्रतिनिधि प्रीति मुदावथ की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है.

किसके खिलाफ मामला हुआ दर्ज?

पुलिस ने गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 सहपठित 3(5) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(a) के तहत दर्ज की गई है.
इन धाराओं में कई लोगों द्वारा जानवरों की हत्या और उन्हें जहर या घातक इंजेक्शन देने जैसे अपराध शामिल हैं.

कैसे हुई कुत्तों की मौत?

प्रीति मुदावथ ने बताया कि वह शुक्रवार को गांव पहुंचीं और गांव की सीमा के पास कुत्तों के शव देखकर शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें जानकारी दी कि दो महिलाओं द्वारा कुत्तों को घातक इंजेक्शन दिए गए थे. शिकायतकर्ता के अनुसार जब उन्होंने पहली बार उस गड्ढे को देखा तो वह केवल आधा भरा हुआ था.

लेकिन शाम होते होते उस गड्ढे का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा कुत्तों के शवों से भर गया. इसके बाद ग्राम पंचायत कर्मचारियों की मदद से ट्रैक्टरों में शवों को लादा गया. इन शवों को गांव से करीब दो किलोमीटर दूर एक अन्य गड्ढे में ले जाकर दफना दिया गया.

और किन-किन जिलों से आए ऐसे मामले?

पिछले कुछ हफ्तों में तेलंगाना के अलग अलग जिलों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं. कामारेड्डी, जगतियाल, हनुमकोंडा और रंगा रेड्डी जिलों में सामूहिक हत्याओं की घटनाएं दर्ज की गई हैं.हनुमकोंडा जिले में करीब 300 कुत्तों को घातक इंजेक्शन देकर मारे जाने का आरोप है.

कामारेड्डी में करीब 200 कुत्तों के शव मिले थे. रंगा रेड्डी जिले में लगभग 100 आवारा कुत्तों के शव बरामद किए गए. जगतियाल में पहले भी करीब 30 कुत्तों के शव मिलने की जानकारी सामने आ चुकी है.

क्यों दिया गया कुत्तों के हत्या का आदेश?

अधिकांश मामलों में नव निर्वाचित सरपंचों और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि चुनावी वादों को पूरा करने के लिए इन हत्याओं के आदेश दिए गए. पेगडापल्ली पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पशु अधिकार संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.