तिरुवल्लुर जिले में पेरियापालयम के पास कनिगईपैर में स्थित 'सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स' प्लांट में रविवार को अमोनिया गैस लीक होने से 7 लोगों की मौत की खबर है. पेरियापालयम के निकट कन्निगाइपैर स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में कथित अमोनिया गैस रिसाव के कारण सात महिलाओं की जान चली गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और कई प्रभावित लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. प्रशासन ने हालात को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को सक्रिय किया. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं तथा पूरे मामले की निगरानी की जा रही है.
रविवार सुबह सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स नामक इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गई. शुरुआती जानकारी के अनुसार गैस के संपर्क में आने से बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रभावित हुए. इनमें सात महिलाओं की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई अन्य लोगों को सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में भय का माहौल बन गया. प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा उपाय लागू करते हुए लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी.
#WATCH | Tamil Nadu: An ammonia gas leak was reported today at the St. Peter's Paul Seafoods Exports facility located in Kannigaipair near Periyapalayam in Tiruvallur district. National Disaster Response Force (NDRF) 4th Battalion headquarters in Arakkonam was immediately alerted… pic.twitter.com/ojoBZ9qyu3
— ANI (@ANI) June 21, 2026
घटना की जानकारी मिलते ही तिरुवल्लुर जिला कलेक्टर कार्यालय ने आपात स्थिति घोषित करते हुए एनडीआरएफ की चौथी बटालियन को अलर्ट किया. अरक्कोनम स्थित मुख्यालय से समन्वय स्थापित किया गया और चेन्नई से 30 सदस्यीय विशेष बचाव दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. टीम आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और तकनीकी संसाधनों के साथ मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक उद्देश्य प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और किसी भी संभावित खतरे को नियंत्रित करना था. प्रशासन लगातार स्थिति का आकलन कर रहा है.
बचाव दल अपने साथ व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), गैस पहचानने वाले यंत्र और रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल तथा परमाणु खतरों से निपटने वाले विशेष सीबीआरएन उपकरण लेकर पहुंचा. टीम ने प्रभावित क्षेत्र को घेरकर वहां प्रवेश को नियंत्रित किया और गैस के प्रभाव का अध्ययन शुरू किया. विशेषज्ञों ने फैक्ट्री परिसर में सुरक्षा जांच भी की ताकि रिसाव के स्रोत और उसके प्रभाव का सही आकलन किया जा सके. राहतकर्मी अस्पतालों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं ताकि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता मिल सके.
अधिकारियों के अनुसार बचाव और जोखिम कम करने की कार्रवाई अभी भी जारी है. प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और गैस रिसाव के कारणों का पता लगाया जा रहा है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया गया था. प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशासन सक्रिय है. घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.