'मनु हौसलों की उड़ान', इंडिया डेली लाइव से बोले ओलंपिक पदक विजेता के परिजन
Manu Bhaker: मनु भाकर ने भारत को पेरिस ओलंपिक खेलों में पहला पदक दिलाया है. उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें देश-विदेश हर जगह से बधाई मिल रही है. उनकी इस सफलता पर उनके घर में खुशी का माहौल है. उनकी इस खुशी में इंडिया डेली लाइव का परिवार भी शरीक हुआ. इंडिया डेली लाइव ने उनके परिजनों से मनु भाकर से जुड़े कई अहम सवाल किए.
Manu Bhaker: मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में भारत को निशानेबाजी में पहला पदक दिलाया है. 22 वर्षीय निशानेबाज ने 10 मीटर एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में भारत को कांस्य पदक दिलाया है. मनु की इस उपलब्धि पर उन्हें देश-विदेश हर जगह से बधाई मिल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे फोन पर बात की और उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मनु की एतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी है. इस खुशी के मौके पर इंडिया डेली लाइव ने मनु भाकर के परिजन से बात की. इस दौरान उनके परिजनों ने मनु की सफलता पर कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है.
पीएम मोदी ने मनु भाकर से जब फोन पर बात कर रहे थे उसी दौरान इंडिया डेली लाइव उनके परिजनों से बात कर रहा था. प्रधानमंत्री मोदी ने मनु से पूछा कि आपके परिजन आपके फोन का बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे कि कब उनकी बेटी उन्हें फोन करेगी?
इंडिया डेली लाइव से बात करते हुए मनु के पिता ने कहा कि हौसलों की उड़ान है मनु. उनका कहना था कि मनु ने कभी भी हौसला नहीं हारा. किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वह पूरी जी-जान से मेहनत करती थी. मनु ने आज जो भी पाया है उसमें उसकी मेहनत, कोचिंग, और सरकार से मिली मदद का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है.
सोशल मीडिया से दूर रही मनु
मनु के परिजनों ने आगे कहा कि आज की जनरेशन के बच्चे सोशल मीडिया और टीवी में ध्यान लगा लेते हैं जिसका उनपर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.उनके परिजनों ने बताया कि हमने अपने बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने की हमेशा कोशिश की है. उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा अपने बच्चों को टीवी और सोशल मीडिया से दूर रखा. हमने उन्हें सलाह दी थी कि भगवान ने उन्हें यहां किसी खास उद्देश्य के लिए भेजा है. यहां आए हैं तो कुछ करके ही जाएंगे. हमारे बच्चों ने अपने परिजनों की बात मानी और इन सबसे दूर रहे.
समाज के लिए मिसाल बने बेटी
बेटी के ओलंपिक पदक विजेता बनने पर मनु की मां सुमेधा भाकर ने कहा कि हमने भगवान से प्रार्थना की था कि मेरी एक बेटी हो जाए ताकि आज महिलाओं के साथ जो हो रहा है उससे मैं बदलाव लाने की कोशिश करूं. उन्होंने कहा कि मैं अपनी बेटी को इतना संस्कारी बनाना चाहती थी कि वह महिलाओं और समूचे समाज के लिए एक मिसाल बन जाए.
मौका है तो जश्न भी होगा ?
जश्न का सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम कुछ अलग हट कर करने की तैयारी में हैं. फिलहाल हमने अभी इस बारे में कोई प्लान नहीं बनाया है. उसके आने के बाद हम इस पर विचार करेंगे. हमने हमेशा उसके लिए अच्छा करने की कोशिश की है.