'क्या आपको मणिपुर में महिलाओं, बच्चों की चीखें सुनाई नहीं देतीं?', पीएम मोदी से कांग्रेस सांसद का सवाल
Congress MP Asks PM Modi: कांग्रेस सांसद अल्फ्रेड आर्थर ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछा है कि क्या आपको मणिपुर में महिलाओं और बच्चों की चीखें नहीं सुनाई देतीं? कांग्रेस सांसद ने मणिपुर में पिछले 15 महीने से जारी उथल-पुथल पर अपना पक्ष रखा और पीएम मोदी के मणिपुर नहीं जाने को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने सीएम बीरेन सिंह को न बदलने के लिए भाजपा की आलोचना की, जिन्हें एक समुदाय संघर्ष के लिए दोषी मानता है.
Congress MP Asks PM Modi: मणिपुर में पिछले 15 महीनों से जारी हिंसा को लेकर कांग्रेस सांसद अल्फ्रेड आर्थर ने पीएम मोदी से सवाल पूछा है. उन्होंने कहा कि मणिपुर में हिंसा से प्रभावितों को शरणार्थी बने 15 महीने बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर जाने के कोई संकेत नहीं हैं. कांग्रेस सांसद ने दुख जताते हुए कहा कि भाजपा एक मुख्यमंत्री (बीरेन सिंह) को बदलने में सक्षम नहीं है जो अभी भी 'मारो, पीटो' की भाषा बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक समुदाय को लगता है कि संघर्ष के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं और शांति लाने के लिए एक आदमी को बदलना इतना मुश्किल क्यों है?
कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर आप 30 लाख लोगों के एक छोटे से राज्य में शांति नहीं ला सकते हैं, तो आप इतने बड़े देश में क्या करेंगे? मणिपुर हिंसा से अलग रहने वाले नागा समुदाय से खुद का संबंध बताते हुए कांग्रेस सांसद ने बजट चर्चा पर भाषण के दौरान कहा कि मैं सभी जाति और धर्म के लोगों के साथ बड़ा हुआ हूं. मुझे ये कभी कहने की जरूरत नहीं महसूस हुई कि मैं मैं एक ईसाई हूं. मुझे ऐसा कहने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन आज मुझे यह डर और आवश्यकता क्यों महसूस हो रही है कि मैं इस देश के नियमों और कानूनों के अंतर्गत एक स्वतंत्र भारतीय होने की अपनी इच्छा व्यक्त करूं.
कांग्रेस सांसद बोले- हम 10 साल से मन की बात सुन रहे हैं...
कांग्रेस सांसद ने कहा कि हम 10 साल से मन की बात सुन रहे हैं. क्या आप उन महिलाओं और बच्चों की चीखें नहीं सुन सकते जो अपने घर वापस नहीं जा सकते? उन्होंने आगे कहा कि राज्य से आने वाले केंद्रीय मंत्री भी 3 मई 2023 को भाजपा के सत्ता में आने के बाद से नहीं देखे गए हैं.
आर्थर ने खुद को देश के लिए खून बहाने वाले परिवार से संबंधित बताते हुए कहा कि आज, आप मेरे राज्य को जला रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि जब वे 1950 के दशक में राष्ट्र की सेवा करने के लिए आगे बढ़े थे, तो उन्होंने कभी सोचा था कि यह देश अपने लोगों को जाने देगा. उन्होंने कहा कि भाजपा के पदाधिकारी 'मोदी है तो मुमकिन है' कहते रहते हैं, लेकिन मणिपुर के लिए न्याय कहां है?
मणिपुर आउटर से कांग्रेस के सांसद अल्फ्रेड आर्थर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि हम एक समान बजट के हकदार हैं, ये हमारा अधिकार भी है. उन्होंने कहा कि मुझे जनता ने सदन में काल्पनिक आंकड़ों के बारे में सुनने के लिए नहीं भेजा है.