ममता बनर्जी पर हिंदुओं के खिलाफ बयान देने का आरोप, सिलीगुड़ी साइबर थाने में FIR दर्ज, ईद के मौके पर की थी टिप्पणी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हिंदुओं पर कथित विवादित बयान देने को लेकर सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई है. वहीं अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस कार्रवाई और संपत्ति अनियमितताओं के आरोपों ने टीएमसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अब हिंदुओं के खिलाफ बयान देने के मामले में ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हो गई है. ममता बनर्जी ने ये बयान बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान और 2025 में ईद के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए थे. भाजपा के कार्यकर्ता और पेशे से वकील रिंकी चटर्जी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है. रिंकी चटर्जी का कहना है कि उन्होंने ईद के मौके पर दिए गए बयान के तुरंत बाद एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने उनकी फरियाद नहीं सुनी और उल्टे उन्हें प्रताड़ित किया गया.
सोमवार को अभिषेक के आवास पर पहुंची थी पुलिस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को पुलिस तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची थी. पुलिस ने अभिषेक के आवास से सिक्योरिटी स्कैनिंग से जुड़ा एक एलईडी मॉनिटर भी कब्जे में लिया है. भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के “शांति निकेतन” के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. पुलिसकर्मियों में से कुछ सादे कपड़ों में भी नजर आए.
संपत्तियों में अनियमितताओं भी हैं आरोप
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर संपत्तियों में अनियमितताओं भी आरोप हैं. इस संबंध में कोलकाता नगर निकाय अधिकारी अब तक 17 नोटिस भेज चुके हैं. आरोप है कि उन्होंने भवन निर्माण नियमों का जमकर उल्लंघन किया है. बता दें कि बंगाल सरकार अभिषेक बनर्जी से सुरक्षा भी वापस ले चुकी हैं. फलता में हुए पुनर्मतदान में टीएमसी को करारी हार मिलने के बाद पार्टी में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई है. बता दें कि फलता में बीजेपी प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने 72 परसेंट से अधिक वोट हासिल कर बड़ी जीत हासिल की है. स्थिति यह हो गई कि टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान इस चुनाव में अपनी जमानत तक गंवा बैठे.